भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया की असल कहानी और सच्चाई

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Last Updated on August 12, 2021 by WikiHindi

भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया एक आगामी भारतीय हिन्दी भाषा युद्ध पर एक ऐक्शन फिल्‍म है, जो अभिषेक दुधैया द्वारा निर्देशित,सह निर्मित और लिखित ऐतहासिक सच्ची घटनाओं पर आधारित है। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान स्थापित यह I.A.F Squaran Leader विजय कार्णिक के जीवन के बारे में है, जो भुज हवाई अड्डे के तत्कालिन प्रभारी थे उन्होंने और उनकी टीम ने 300 स्थानीय महिलाओं की मदद से वायुसेना के एयरबेस का पुनर्निर्माण किया। फिल्‍म में अजय देवगन I.A.F Squaran Leader कार्णिक की भुमिका में हैं।

भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया की असल कहानी और सच्चाई
भुज: द प्राइड ऑफ़ इंडिया

विजय कार्णिक का जीवन परिचय

विजय कार्णिक का जन्म 6 नवंबर 1939 को नागपुर में हुआ था। विजय कार्णिक के पिता का नाम श्रीनिवास कार्णिक एवं माता जी का नाम ताराबाई कार्णिक है। विजय कार्णिक का विवाह 20 फ़रवरी 1965 को उषा कार्णिक के साथ सम्पन्न हुआ था। विजय कार्णिक के 2 बच्चे हैं बेटे का नाम परेश कार्णिक और बेटी का नाम सलाका कार्णिक है। विजय कार्णिक के 3 भाई हैं, जिनका नाम लक्ष्मण, विनोद, और अजय है। विजय
कार्णिक के 2 भाई इंडियन आर्मी और एक भाई भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं।

इनलोगो ने भारत माँ की सेवा में ही अपने जीवन को बिताया है। विजय कार्णिक बचपन से ही भारतीय सेना से जुड़ना चाहते थे, इसके लिए उनहोंने अपने प्रारंभिक जीवन में बहुत कठिनाईयों का सामना किया। विजय कार्णिक ने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा नागपुर से ही प्राप्त किया था
इसके बाद उन्होंने अपनी स्नातक तक की शिक्षा को भी नागपुर के विश्वविद्यालयसे प्राप्त किया।

विजय ने अपनी स्नातक तक की शिक्षा पुरी करने के बाद भारतीय वायुसेना में शामिल हो गए।

भुज क्या है?

वर्ष 1971 में भारत- पाकिस्तान के मध्य एक युद्ध लड़ा गया था, जिसे बांग्लादेश मुक्ति युद्ध के नाम से जाना जाता है। इस युद्ध में भारतीय वायुसेना के भुज एयरबेस को संचालित करने का कार्य विजय कार्णिक ने खुद के ऊपर लिया। इसमे भारत के मित्र वाहिनी बल और पाकिस्तान के बीच एक भयंकर युद्ध हुआ था। यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान में हुआ था जो 3 दिसम्बर 1971 को शुरू हुआ था और 16 दिसम्बर 1971 तक चला था।

इस युद्ध की शुरुआत आपरेशन चंगेज खान के नाम से 11 भारतीय हवाई स्टेशनों के द्वारा हवाई हमलों से की गयी थी।

विजय कार्णिक के साथ भुज में क्या हुआ था?

वर्ष 1971 में 8 दिसम्बर को भारतीय सेना पर पाकिस्तानी घुडसवार सेना के द्वारा रात्रि के समय में हमला किया गया था। इसी दिन भुज में भी भारतीय वायुसेना की एयरबेस पर 14 से भी अधिक बम गिराये गये थे, जिससे कि काफी जान माल का नुकसान हुआ था। भुज में वायुसेना की एयरबेस पर बम गिराने से वायुसेना के विमानों को उड़ान भरने में काफी समस्या उत्पन्न हुई थी।

जहाँ भारतीय सेना पर पाकिस्तानी घुडसवार के द्वारा हमला किया गया था वहां BSF और IAF की मदद की आवश्यकता थी। परंतु इस कार्य को अंजाम देने के लिए पर्याप्त मात्रा में सैनिक नहीं थे। भुज में भारतीय एयरबेस की मरम्मत करने के लिए पास के ही गाँव माधवपुर के लोंगो ने वायुसेना के सैनिकों की मदद की, एयरबेस की मरम्मत करवाने का मुख्य श्रेय खासकर माधवपुर की महिलाओ को दिया जाता है।

माधवपुर की महिलाओ ने लगभग 72 घंटों की कड़ी मेहनत के बाद भारतीय वायुसेना के एयरबेस को तैयार करवा दिया। माधवपुर की महिलाओं की मदद से भारतीय वायुसेना ने एयरबेस को बनाने में मात्र 72 घंटो का समय लिया।

इस एयरबेस पर लगभग 300 महिलायें थी, इन महिलाओं ने भारतीय वायुसेना की काफी मदद की। इन महिलाओं ने अपने घरों के काम धंधे छोड़ भारतीय वायुसेना के एयरबेस को तैयार करवाने में जुट गई। यह महिलाए तब तक इस एयरबेस पर थी, जब तक की भारतीय वायुसेना ने उड़ान न भर ली।

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इन महिलाओं ने कहा की अगर हम भारतीय वायुसेना की मदद करते हुए शहीद भी हो जाते हैं तो भी हमारे लिए यह एक सम्मानजनक मौत होगी।

महिलाओं को मिली झांसी की रानी की उपाधि

जब यह युद्ध समाप्त हो गया तो उसी दिन भारत की प्रधान-मंत्री इंदिरा गाँधी भुज एयरबेस गयी और एयरबेस की मरम्मत करवाने में लगी महिलाओ को झांसी की रानी के नाम से संबोधित किया और प्रत्येक महिला को 50000 रुपये ईनाम स्वरुप दिया गया।

विजय कार्णिक के जीवन पर आधारित फिल्‍म

विजय कार्णिक के जीवन पर आधारित एक फिल्म बन रही है, जिसका नाम ‘भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया ‘ रखा गया है। इस फिल्म में 1971 में घटित भारत-पाकिस्तान के युद्ध में भारतीय जवान और माधवपुर की महिलाओं को दिखाया गया है इस फिल्‍म में विजय कार्णिक के योगदान और माधवपुर की महिलाओं की वीरता के प्रदर्शन को दिखाया गया है।

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इस फिल्म में विजय कार्णिक का किरदार बॉलीवुड इन्डस्ट्री के जाने माने अभिनेता अजय देवगन ने किया है। इस फिल्म में आपको जानने को मिलेगा की किस प्रकार से विजय कार्णिक और उनकी टीम ने मिलकर इस लड़ाई को लड़ा और स्थानीय गाँव की लगभग 300 महिलाओ ने मिलकर किस प्रकार से मदद करके भारतीय वायुसेना के एयरबेस को कुछ घंटो में तैयार कर दिया और किस प्रकार से भारत ने युद्ध को जीता। इन सभी घटनाओं को इस फिल्म में बखूबी दिखाया गया है।

भुज फिल्म में विजय कार्णिक के रॉल में अजय देवगन को ही क्‍यों चुना गया?

किसी भी फिल्म में उसी ऐक्टर को चुना जाता है जो इसके लिये काबिल हो। परंतु इस फिल्म में विजय कार्णिक के किरदार के लिए दूसरा कोई भी ऐक्टर ऐक्टिंग कर सकता था। परंतु इस फिल्म में अजय देवगन को इसलिये चुना गया क्यूंकि विजय कार्णिक खुद ये चाहते थे कि यदि उनके जीवन पर कोई भी फिल्म बने तो उसमें अजय देवगन को ही उनकी किरदार के लिये चुना जाये।

याहि कारण है कि अजय देवगन को ‘भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया’ फिल्म के लिए चुना गया है, इस फिल्म में अजय देवगन विजय कार्णिक के किरदार में नजर आएंगे।

भुज फिल्म को कब रिलीज किया जा रहा है?

इस कहानी को फिल्म के माध्यम से दुबारा जीवित करने की कोशिश की गयी है और अगर इस हालात को अगर आप जीना चाहते हैं तब फिल्म हॉल में जाकर यह फिल्म अपने परिवार के साथ जरूर देखें। अजय देवगन की फिल्म भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया को इसी महीने 13 अगस्त को पूरे भारत के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। साथ ही इस फिल्‍म को OTT चैनल डिजनी प्लस हॉटस्टार पर प्रसारित किया जाएगा।

भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया फिल्म का ट्रेलर

Source: Official T-Series YouTube Channel

FAQs

भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया फिल्म क्या सच्ची घटना पर आधारित है?

हाँ, यह फिल्म 1971 में बांग्लादेश के लिए हुए भारत और पकिस्तान के बिच एक युद्ध की सच्ची घटना पर आधारित है।

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