क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं?

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Last Updated on October 28, 2021 by WikiHindi

क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं? यह बिल्कुल एक आम सा सवाल हो गया है। क्योंकि कोरोना जैसी महामारी ने अच्छे अच्छों की वित्तीय स्तिथि को बिगाड़ कर रख दी है जिसके कारण उनका क्रेडिट स्कोर कहीं न कहीं अवश्य खराब हुआ है।

आपको बता दें की क्रेडिट स्कोर एक प्रकार का वित्तीय टूल है जिसके माध्यम से हमारे द्वारा भूतकाल में लिए गए लोन की वापसी से जुड़ी जानकारी वित्तीय संस्थान जैसे बैंक को मुहैया कराता है। इसके जरिये उधारदाताओं को इस बात की भी जानकारी मिल जाती है की आप अपने पैसे को चुकाने में कितने सक्षम है और साथ ही आप अपने लोन की वापसी सही समय पर करते भी हैं या नहीं।

इस लेख के माध्यम से आप यह जानेंगे की, अगर किसी कारणवश अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब हो गया है तब आप वापस से अपना क्रेडिट स्कोर कैसे सही कर सकते हैं?

क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं
क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं

क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं

आपकी जानकारी के लिए यह बता दें की क्रेडिट स्कोर को 300 से 900 अंकों के बीच गणना की जाती है। अगर आपकी क्रेडिट स्कोर 750+ है। तब यह इस बात का प्रमाण है की लोन चुकाने के मामले में एक जिम्मेवार इंसान हो और इसलिए अगर आपका क्रेडिट स्कोर 750 + है तब यह आपकी अच्छी वित्तीय स्तिथि को दर्शाता है।

वहीँ अगर आपका क्रेडिट स्कोर 650 से कम हो तब आपको कुछ -कुछ वित्तीय संस्थान से भविष्य में लोन मिलने में समस्या हो सकती है। अगर बात करें क्रेडिट स्कोर को ठीक करने की तब आप निचे दिए गए इन तरीकों का उपयोग करके अपना क्रेडिट स्कोर ठीक कर सकते हैं।

क्रेडिट स्कोर की जांच करें

क्रेडिट स्कोर की सुधार आप तभी कर सकते हैं जब आपको आपके क्रेडिट स्कोर की जानकरी होगी। इसलिए सबसे पहले आप अपने क्रेडिट स्कोर की जांच करें। इस प्रक्रिया में आपको मुश्किल से 5 मिनट का समय लगेगा। ऐसी कई साड़ी वेबसाइट हैं जो मुफ्त में ऑनलाइन आपको आपके क्रेडिट स्कोर की जानकारी मुहैया कराती है।

क्रेडिट स्कोर की समय-समय पर जाँच करना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि इससे हमें यह जानकारी मिलती है की पिछले समय की तुलना में वर्तमान में क्रेडिट स्कोर में सुधार हुई है या फिर किसी कारणवश यह कम हुई है। अगर आपके मन में सवाल हो की क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं तब यह तरीका अवश्य अपनाएँ।

पेमेंट हिस्ट्री

किसी भी क्रेडिट स्कोर में सबसे ज़्यादा अगर कुछ महत्व रखता है तब वह है पेमेंट हिस्ट्री। अर्थात आपने अपने पुराने किसी लोन का भुगतान समय पर या आपके कितने EMI अब तक बाउंस हुए हैं। आपको बता दें की क्रेडिट स्कोर की गणना करने में 35 फीसदी हिस्सेदारी पेमेंट हिस्ट्री की होती है, जो की बाकी सभी फैक्टर से काफी ज़्यादा है।

अगर आपका क्रेडिट स्कोर देर से EMI चुकाने के कारण खराब हो गया हो! तब अभी भी समय है की आप अपने लोन का भुगतान समय पर करने की कोशिश करें। इससे आपका क्रेडिट स्कोर में काफी जल्दी और तेज़ी से सुधार होने लगेगा। इसलिए आपके क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं के सवाल का दूसरा जवाब है आपका पेमेंट हिस्ट्री।

30 प्रतिशत या इससे कम क्रेडिट का इस्तेमाल करें

क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं इसका अगला उत्तर खुद आपके क्रेडिट लिमिट पर निर्भर करता है। क्रेडिट स्कोर की गणना में क्रेडिट लिमिट उपयोग का हिस्सा 30 फीसदी होता है इसलिए यह भी काफी महत्वपूर्ण फैक्टर होता है आपके क्रेडिट स्कोर के लिए।

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इसलिए आपकी हमेसा से यही कोशिश होनी चाहिए की अगर आपके क्रेडिट कार्ड की लिमिट 1 लाख रूपए प्रति महीने की हो तब उसमे आप 30 हज़ार रुपयों तक का उपयोग करें। अगर आप ऐसा अनुसरण करेंगे तब आपकी कम हुई क्रेडिट स्कोर में तेज़ी से सुधार होगी।

रीपेमेंट अवधी

आपने पिछले समय में अगर कोई लोन लिया है और आपका क्रेडिट स्कोर कम है। तब आपके पास अभी एक बेहतरीन मौका है, अपने क्रेडिट स्कोर को ठीक करने का क्योंकि अगर आप अपने पिछले लोन को समय रहते चुका देते हैं तब आपका क्रेडिट स्कोर में जल्दी और तेज़ी से बढ़ौतरी देखने को मिलेगी। वहीं अगर आप यहां किसी तरह की कोई देरी करते हैं तब इस बात की संभावना काफी ज़्यादा रहती है की आपका क्रेडिट स्कोर और ज़्यादा खराब हो जाएगा।

बार-बार क्रेडिट स्कोर की जांच ना करें

जब बात क्रेडिट स्कोर की जांच की आती है तब यह फैक्टर आपके क्रेडिट स्कोर में 15 फीसदी तक महत्व रखता है। अगर आप बार-बार अपना क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं या फिर आपका क्रेडिट स्कोर किसी वित्तीय संसथान द्वारा ही चेक क्यों न किया जाता हो तब इससे भी आपके क्रेडिट स्कोर पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है।

क्यूंकि बार-बार क्रेडिट स्कोर की जांच करने का यही मतलब बनता है की आप अपने क्रेडिट स्कोर के भूखे हो। जो कहीं न कहीं आपके क्रेडिट स्कोर थोड़ा सा ही सही लेकिन नकारात्मक असर अवश्य डालता है। अगर आप अपने स्कोर में बिना कुछ किये भी सुधर देखना चाहते हैं तब इसकी निरंतर जांच करना छोड़ दें।

क्रेडिट मिक्स का ध्यान रखें

यह फैक्टर क्रेडिट स्कोर में 10 फीसदी का योगदान देता है। इसका मतलब यह है की आपने जितने भी लोन अब तक लिया है वह किस अनुपात में है। अर्थात आपके द्वारा लिए गए लोन में कितना फीसदी हिस्सा सिक्योर्ड लोन के अंतरगर्त अत है और कितन फीसदी हिस्सा अन-सिक्योर्ड लोन के अंतर्गत आता है।

  • सिक्योर्ड लोन: वैसे लोन जिसके लिए आपको लाओं के बदले अपनी किसी संपत्ति का ब्यौरा देना पड़ता है वह सिक्योर्ड लोन के अंतरगर्त अत है। जैसे की होम लोन, कार लोन, इत्यादि।
  • अन-सिक्योर्ड लोन: वैसा लोन जिसमे आपको लोन के बदले अपने किसी सम्पति का ब्योरा देने की आवश्यकता नहीं पड़ती उसे अन-सिक्योर्ड कहते हैं। जैसे एजुकेशन लोन।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की आप अपने क्रेडिट स्कोर में किस प्रकार से सुधार कर सकते हैं। इस लेख से सम्बंधित किसी प्रकार का कोई सवाल या सुझाव आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें अवश्य बतलायें, धन्यवाद।

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