2022 में छठ पूजा कब है और क्यों मनाया जाता है? तथा इसका इतिहास

प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह में मनाया जाने वाला छठ पूजा केवल एक पर्व नहीं है बल्कि इसे एक महापर्व के रूप में मनाया जाता है। वैसे तो इस पर्व को कूल 4 दिनों के समय अंतराल में मनाया जाता है। लेकिन इस महापर्व को मनाने की तैयारी लोग 7 से 8 दिन पहले ही कर देते हैं, और ये तैयारी इतनी पहले से हो भी क्यों न? क्योंकि इस त्यौहार को मानाने में साफ़-सफाई का काफी ज़्यादा महत्व जो होता है।

इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे की छठ पूजा कब है? और इसे कैसे मनाया जाता है? साथ ही इस लेख के माध्यम से पूजा की तिथि और इसके महत्व की भी जानकारी दी जाएगी।

2021 में छठ पूजा कब है और क्यों मनाया जाता है तथा इसका इतिहास
छठ व्रती सूर्य देवता को अर्ध्य देते हुए

2022 में छठ पूजा कब है?

छठ पूजा प्रत्येक वर्ष दो बार मनाया जाता है, पहली बार चैत्र के महीने में और दूसरी बार कार्तिक महीने में। 2021 में अगर हम कार्तिक महीने में मनाये जाने वाली छठ पूजा की तिथि के बारे में बात करें तब यह कुछ इस प्रकार है:

तिथिविधि
8 नवंबर 2021नहाय खाय
9 नवंबर 2021खरना
10 नवंबर 2021पहला अर्ध्य (डूबता सूर्य को अर्ध्य)
11 नवंबर 2021दूसरा अर्ध्य (उगते हुए सूर्य को अर्ध्य) अर्थात पारण

छठ पूजा एक नज़र में

छठ महापर्व को खासतौर पर बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और हमारे पडोसी देश नेपाल में काफी धूम-धाम और हर्षोल्लाष के साथ मान्य जाता है। लेकिन समय के साथ और जानकारी के आदान प्रदान तथा इंसानो के आवागमन के वजह से अब यह त्यौहार देश के विभिन्न हिस्सों में भी मनाया जाने लगा है। केवल यही नहीं इस त्यौहार को विदेश में रह-रहे भारतीय नागरिकों द्वारा भी काफी धूम धाम से मनाया जाता है।

केवल यही नहीं छठ महापर्व की मान्यता इतनी है की पटना और नॉएडा जैसे शहर में कुछ मुस्लिम परिवार भी इस त्यौहार को मनाते हैं, और जब उनसे इसका कारण पुछा गया तब उन्होंने कहा की छठ माता ने उनकी मनोकामना पूरी की थी।

छठ पूजा का इतिहास

ऐसी मान्यता है की छठ महापर्व वैदिक काल से भी पहले से मनाया जा रहा है। उस समय ऋषि-मुनि उपवास रखकर सूर्य के समक्ष बहती जल धरा में जाकर सूर्य का नमन करते थे और सूर्य से निकलने वाली किरणों से ऊर्जा ग्रहण करते थे। इस महापर्व को आज भी काफी धूम-धाम से मान्य जाता है।

वहीं दूसरी ओर ऐसी भी मान्यता है की प्राचीन काल में पांडव और द्रौपदी सभी मिलकर छठ व्रत को किया करते थे। इस व्रत को करने के पीछे का उनका उद्देश्य था की उनकी समस्या कम हो और उनका खोया हुआ राज्य उन्हें वापस मिल जाए।

एक और ऐसी मान्यता है की छठ पूजा सबसे पहले सूर्य और कुंन्ती पुत्र कारण के द्वारा किया गाय था। जब कारण इस व्रत को किये थे तब वे अंग देश के शासक हुआ करते थे। जिसे वर्तमान समय में बिहार में स्तिथ भागलपुर जिले के नाम से जाना जाता है।

अंतिम शब्द

इस लेख में आपने जाना की 2021 छठ पूजा कब है और इसे क्यों मनाया जाता है? और साथ ही आपने इतिहास के बारे में भी पढ़ा। इस लेख से सम्बंधित किसी प्रकार की कोई शंका या सुझाव आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें अवश्य बतलायें, धन्यवाद।

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