डिप्रेशन क्या है? और कैसे होता है? इसके लक्षण और बचाव

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Last Updated on August 9, 2021 by WikiHindi

डिप्रेशन या कहें अवसाद एक ऐसा शब्द जिससे हर कोई वाक़िफ़ है और अपने जीवनकाल में एक इंसान कभी न कभी इस दौर से अवश्य गुजरता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो जल्द ही इससे छुटकारा पा लेते हैं जबकि कुछ लोगो को इससे छुटकारा पाने में बहुत समय लग जाता है। इस लेख में आपको डिप्रेशन (अवसाद) से जुड़ी हर वह बुनियादी जानकारी देने की कोशिश की जाएग, जो एक आम इंसान को जनाना जरूरी है।

डिप्रेशन क्या है और कैसे होता है इसके लक्षण और बचाव
चिकित्षक से सलाह-मश्वरा करते हुए

डिप्रेशन क्या है?

डिप्रेशन को एक प्रकार से दिमागी विकार के रूप में देखा जाता है, जिसमे कोई इंसान कई प्रकार के भावनाओं जैसे उदास होना, दुखी या चिंतित, गुस्सा इत्यादि भावनाओं को महसूस करता है। केवल यही नहीं डिप्रेशन से जूझ रहा एक इंसान को सबसे ज़्यादा समस्या तो तब होती है जब उनकी प्रतिदिन की दिनचर्या पर बुरी तरह से असर करता है।

WHO के रिसर्च के मुताबिक़ डिप्रेशन जैसी दिमागी विकार अब आम बात हो चुकी हैं और इसके द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक़ इस बिमारी से लगभग 34 करोड़ लोग जूझ रहे हैं और यह संख्या घटने के बजाय अभी भी बढ़ ही रहा है। अगर हम अपने देश भारत की बात करें तब 34 करोड़ में से लगभग 5.5 करोड़ लोग तो केवल भारत से शामिल हैं और ज़्यादातर लोग 18 से 34 वर्ष के लोग शामिल हैं।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कभी-कभी इंसान का दुखी होना या परेशान होना किसी भी बात या घटना पर आम बात है और यही नहीं, यह हमारे जीवन शैली का अभूतपूर्ण एक हिस्सा है। लेकिन अगर आप इस चीज़ से प्रतिदिन और लम्बे समय से गुज़र रहे हैं तब यहाँ आपको सावधान होने की शक्त जरूरत है। आयुर्विज्ञान की बात माने तब यह एक गंभीर समस्या है अगर इसका समय से इलाज न किया जाए तब यह घातक भी साबित हो सकता है।

डिप्रेशन होने के क्या-क्या कारण है?

डिप्रेशन होने के संभवतः अनेकों कारण हो सकते हैं जैसे: व्यक्तिगत समस्या, शारीरक समस्या, बीमारियां, हार्मोन का असंतुलित होना, या फिर कोई अनुवांशिक कारण।

  • व्यक्तिगत समस्या: कुछ लोगो किसी प्रकार की व्यक्तिगत समस्या जैसे काम को लेकर तनाव या फिर परिवार को लेकर तनाव से भी आगे चल कर अगर सही समय पर इलाज न किया जाए तब यह डिप्रेशन का रूप ले सकता है।
  • अनुवांशिक समस्या: अगर आपके माता या पिता किसी का भी डिप्रेशन से जुड़े इतिहास रहा तब यह भी एक महत्वपूर्ण कारण आपके डिप्रेशन का बन सकता है।
  • उम्र: अवसाद की समस्या उम्र देखकर नहीं यह बच्चों, युवा या बुजुर्ग किसी भी उम्र वर्ग के लोग में पाया जा सकता है। ज्यादातर उम्रदराज़ लोग इस समस्या से ग्रषित आसानी से होते क्यूंकि उन्हें इस बात की चिंता होती है कि वह अकेले अपना जीवन यापन कैसे करेंगे।
  • शारीरिक समस्या: अगर आप पहले से किसी तरह की बिमारी जैसे कैंसर इत्यादि से ग्रषित हैं तब आपकोअपने स्वस्थ्य होने की चिंता और परिवार की चिंता आपको डिप्रेशन की ओर धकेलती है।
  • दवाइओं का सेवन: अनियंत्रित रूप से बिना किसी चिकित्षक सलाह के दवाइयों का सेवन करना भी आपको भारी पर सकता है क्यूंकि यह आपको अवसाद से ग्रषित कर सकता है।
  • ड्रग अथवा नशीले पदार्थों का सेवन: अनियंत्रित रूप से नशीली पदार्थ जैसे ड्रग का सेवन आपके सोचने समझने की क्षमता को कमजोर करता है जिससे की आप धीरे-धीरे अवसाद के चपेट में आने लगते हैं।

डिप्रेशन के लक्षण क्या हैं?

डिप्रेशन के भिन्न प्रकार के लक्षण हो सकते और यह इस चीज़ पर निर्भर करता है डिप्रेशन के क्या कारन हैं, डिप्रेशन के लक्षण मुख्य रूप से आपकी सोचने-समझने की क्षमता, आपकी सोच और आपकी भावनाओ में बदलाव के साथ ही दिखने लगते हैं।

  • हद से ज़्यादा थकान महसूस होना।
  • उदास मन
  • मन का बदलते रहना
  • काम में रूचि नहीं होना
  • कुशलतापूर्वक काम नहीं करना
  • लोगों से दुरी बनाना
  • नशीली पदार्थों का सेवन शुरू करना
  • चिड़चिड़ापन
  • निराशा
  • बेचैनी
  • नींद पूरी नहीं होना
  • सर दर्द के साथ बदन में दर्द होना
  • भूख में बदलाव होना
  • चिंता करना, इत्यादि।

डिप्रेशन कितने प्रकार के होते हैं?

डिप्रेशन के मुख्यतः कुछ इस प्रकार हैं:

  • मेजर डिप्रेसिव डिसऑर्डर: अगर आप ज़्यदातर 2 या 2 से अधिक सप्ताह तक परेशान और चिंतित रहते हैं, तब आपका इस प्रकार के अवसाद से ग्रषित हो सकते हैं।
  • सायकोटिक डिसऑर्डर: सायकोटिक डिसऑर्डर से ग्रषित रहने पर आपको कुछ इस प्रकार के दिख सकते हैं: Hallucinations, माया या आपको ऐसे भी ख्याल आ सकते हैं की कोई आपको नुक्सान पहुंचाने की कोशिश कर रहा हो।
  • परसिस्टेंट डिप्रेसिव डिसऑर्डर: इसे dysthymia भी कहा जाता है और इससे ग्रषित लोगो में लक्षण तो काम पाए जाते लेकिन यह 2 या दो से अधिक वर्षों तक किसी मरीज़ में रह सकता है।
  • बाइपोलर डिसऑर्डर: ये एक अलग ही प्रकार का डिप्रेशन है इसमें इंसान के पास एनर्जी या फिर कहें शक्ति की कमी नहीं होती लेकिन फिर भी वह अच्छा महसूस नहीं कर रहा होता है और यही कारण है की ऐसे में लोगो में अवसाद के लक्षण दिखने लगते हैं।
  • सीजनल अफ्फेक्टिवे डिसऑर्डर: यह डिप्रेशन मुख रूप से ठन्डे मौसम के समय में होता है जब इंसान को छोटे दिन होने के वजह से धुप अच्छे से नहीं मिल पाती है। वही बाकी मौसम में ऐसा कुछ नहीं होता है।
  • पेरिनातल और पोस्टपार्टम डिप्रेशन: यह वैसे महिलाओं में पाया जाता है जो गर्भवती हैं, और यह लगभग बच्चे के जन्म होने तक महिलाओं में पाया जा सकता है।

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डिप्रेशन का इलाज़

अवसाद के साथ जिंदगी व्यतीत करना किसी के लिए भी कष्टदायक और साथ ही नुकसानदायक भी हो सकता है। लेकिन समय रहते इसका इलाज करवाना और चिकित्षक से परामर्श लेना आपको डिप्रेशन से होने वाली किसी भी बड़ी समस्या से बचा सकता है। इसके लिए ऐसे बहुत सारे इलाज उपलब्ध हैं जिसकी सलाह आपके चिकित्षक आपको दे सकते हैं, उन सलाह में शामिल है:

  • दवाई
  • मनोचिकित्षक देख-भाल
  • लाइट थेरेपी
  • व्यायाम
  • नशीली पदार्थो से दुरी
  • ध्यान करना, इत्यादि।

डिप्रेशन से कैसे बचें?

वैसे डिप्रेशन से बचना और शुरूआती दौर में इसका पहचान क्र पाना थोड़ा मुश्किल होता है और दिक्कत तो तब ज़्यादा होती है जब आपको डिप्रेशन होने का कारण ही पता न हो। लेकिन अगर आप कभी भी डिप्रेशन के दौर से गुज़र चुके हैं, तब वैसे हालातों में आप इससे अवश्य खुद को समय रहते बचा सकते हैं। निचे कुछ तरीके बताये गए हैं जिसे पालन करने पर बहुत हद तक डिप्रेशन से खुद को बचा लेंगे

  • प्रतिदिन व्यायाम करना।
  • चिकित्षक परामर्श लेकर इलाज़ जारी रखना।
  • नींद पूरी करना।
  • दूसरों के साथ मेल-मिलाप रखना या कहें अकेलापन से बचना।
  • चिंता कम से कम करना।

इसे भी पढ़ें: नोरो वायरस क्या है? इसके लक्षण, बचाव से जुड़ी पूरी जानकारी

Sandeep Maheshwari on डिप्रेशन से कैसे नियंत्रण करें

Courtesy: Sandeep Maheshwari ऑफिसियल Youtube Channel

अंतिम शब्द

डिप्रेशन स्थाई भी हो सकता है और यह अस्थाई भी हो सकता है। इलाज़ से इसे पूरी तरह से खत्म तो नहीं किया जा सकता है लेकिन बहुत हद तक इसके लक्षणों पर नियंत्रण अवश्य किया जा सकता है। अगर कोई इलाज़ कारगर शाबित नहीं होता है तब ऐसी परिस्तिथि में अपने चिकित्षक से अवश्य सलाह लें ताकि समय रहते अवसाद से जूझ रहे मरीज़ को बेहतर इलाज़ दिया जा सके।

FAQs

क्या डिप्रेशन का इलाज़ है?

जी हाँ डिप्रेशन का इलाज़ है, बसर्ते आप जल्द से जल्द एक अच्छे चिकित्षक से सलाह-मस्वरा कर लें।

डिप्रेशन के लक्षण क्या है?

अवसाद के बहुत सारे लक्षण हैं, आप नीचे लिंक पर जाकर इसकी पूरी जानकारी ले सकते हैं।

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