स्टार्टअप के फायदे और नुकसान

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Last Updated on December 17, 2021 by WikiHindi

स्टार्टअप एक ऐसी चीज़ जिसके बारे में आज से कुछ सालों पहले तक लोग कुछ नहीं जानते थे। लेकिन आज नौकरी से ज़्यादा लोग स्टार्टअप के बारे में सोचने में लगे हुए हैं। अगर कोई इंसान किसी संसथान में रहकर नौकरीपेशा में लगा हुआ है। तब भी आधे दिन उसका दिमाग इसी सोच में लगा रहता है की काश मेरा खुद का कोई बिज़नेस या स्टार्टअप होता और मैं एक मालिक होता।

अगर आपके भी मन में स्टार्टअप से जुड़े ऐसे ख्याल आते हैं। तब इस लेख से आपको स्टार्टअप के फायदे और नुकसान को पढ़कर ये अनुमान लगा पाने में मदद मिलेगी की आपको इसमें आगे काम करना चाहिए या फिर नहीं।

स्टार्टअप के फायदे 

वर्तमान स्तिथि को देखते हुए ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा की, भारत में अब स्टार्टअप शुरू करने की होड़ सी मची हुई है। इसका अर्थ ये है की कहीं न कहीं स्टार्टअप शुरू करने के फायदे जरूर होंगे, तभी इतनी संख्या में लोग इसमें रूचि दिखा रहे हैं। स्टार्टअप से जुड़े संभावित फायदे कुछ इस प्रकार हैं।

1. मिशन स्तर पर काम करना

किसी भी स्टार्टअप के शुरूआती कुछ सालों में काम की तेज़ी इतनी ज़्यादा होती है, कभी-कभी तो ऐसा प्रतीत होने स्टार्टअप किसी ऐसे मिशन पर लगा हुआ है। जो अभी पूरा नहीं हुआ तो कभी हो सकेगा। वैसे भी ज़्यादातर स्टार्टअप की यही कोशिशें होती है की वो अपने समाज के लिए कुछ अच्छा और भला कर सकें।

इसलिए ये बातें थोड़ी लाजमी है की, यहां होने वाले काम शुरूआती दिनों में किसी मिशन की ही तरह होता है। अगर कभी गूगल ने बगैर उद्देश्य के अपने काम को किया होता तब वो आज सफलता के इस बुलंदी पर नहीं आते जहां वो आज हैं।

2. टीम कल्चर

किसी भी स्टार्टअप की सबसे बड़ी बात ये होती है की यहां टीम कल्चर को काफी ज़्यादा बढ़ावा दिया जाता है। अर्थात यहां टीम में काम कर रहे कर्मचारियों की तनख्वाह भले ही कम होती है। लेकिन इनकी काम करने की ऊर्जा, लगन और कंपनी के प्रति ईमानदारी एकदम दृढ होती है। स्टार्टअप की टीम में शामिल सभी सदस्य अपने लक्ष्य से भाली-भांति अवगत रहते हैं।

3. कार्य दक्षता

पहले से स्थापित कंपनियों का काम करने का तरीका और एक सस्टार्टअप के काम करने के तरीके में आसमान ज़मीन का अंतर् होता है। अगर कोई छोटी कंपनी पहले से स्थापित कंपनियों से व्यावसाय करनी ीचाहे तब उन्हें दिक्कतें आती है।

लेकिन स्टार्टअप में सबसे बड़ा फायदा ये है की, ये ज़मीनी हकीकत को जानते हुए अपने लक्ष्य के आस-पास रहते हुए ही काम करते हैं। इनके काम करने की प्रणाली काफी आसान होती है। जिससे अन्य कंपनी के साथ ही ग्राहकों को भी फायदा पहुँचता है।

4. प्रोडक्ट/सर्विस पर पैनी नज़र

स्टार्टअप की सबसे बड़ी खासियत ये है की चूँकि ये शुरूआती दौर में होते हैं, और बाजार में पहले सबसे अलग और बेहतर करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। यही कारण है की ये अपनी प्रोडक्ट और दी जाने वाली सर्विस पर पैनी नज़र बनाये रखते हैं। इसके अलावा जहां तक संभव हो ये ग्राहकों से फीडबैक लेकर, भविष्य में हमेशा बेहतर ही करने की कोशिश में लगे रहते हैं।

5. सुखमय अनुभव

किसी भी स्टार्टअप के लिए काम करना या खुद का स्टार्टअप करने की जो प्रक्रिया होती है। उस दौरान आपको कई सारे अनुभव मिलेंगे, कभी आप हारोगे तो कभी आपकी जीत भी होगी। कभी एक बात की चिंता तो कभी कुछ पाने की खुसी। अंततः स्टार्टअप में जो शुरूआती कुछ साल होंगे उसमे काफी सुखमय अनुभव आपको मिलेगा। ऐसी अनुभूति आपको किसी पहले से स्थापित कंपनी में काम करके कभी नहीं मिलेगी।

6. योगदान

स्टर्टअप की शुरुआत करके आप केवल अपने और अपने परिवार के प्रति ही अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करते। बल्कि इसके कारण आप एक बेहतर समाज की निर्माण में भी अपनी भूमिका निभाते हैं। आपके स्टार्टअप के जरिये आने वाले समय में कई सरे लोगों को रोजगार मिलेंगी। केवल यही नहीं अगर आपका स्टार्टअप सबसे अलग कुछ बेहतर करने में कारगर होता है, तब आगे चलकर आपका स्टार्टअप देश की अर्थव्यवस्था में भी योगदान करेगा।

7. आप ही बॉस और मालिक

ये तो सौ फीसदी सत्य है की अगर आप किसी आईडिया पर काम रहे हैं और ये आईडिया आपकी है। तब आगे चलकर ये आईडिया अगर बड़े बिज़नेस में तब्दील होने में कामयाब होती है। तब इसके मालिक और बॉस आप ही होंगे। इसके अर्थ ये है की इसपर पूरा अधिकार आपका होगा। अर्थात आपके ऊपर ऐसा कोई शक्श नहीं होगा, जो आपके ऊपर अधिकार जमाये।

स्टार्टअप के नुकसान

दुनिया में ऐसी कोई चीज़ नहीं है, जिसके केवल फायदे हो और इसमें किसी प्रकार का कोई नुकसान न हो। ठीक ये बात स्टार्टअप पर भी लागू होती है और इससे जुड़े संभावित नुकसान कुछ इस प्रकार है।

1. फ़ैल होने का ख़तरा

अगर आपका आईडिया बेहतर और सबसे अलग हुआ तब इस बात की उम्मीद काफी ज़्यादा है की, आपके स्टार्टअप के सफल होने की उम्मीद काफी ज़्यादा होगी। लेकिन अगर अगर आपकी आईडिया बाकियों से कमजोर और अच्छी नहीं रही तब आपको इससे होने वाले फायदे से कहीं ज़्यादा नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। अर्थात स्टार्टअप के फ़ैल होने का खतरा बना रहता है।

2. एक दिन में कुछ नहीं होता

किसी भी कंपनी को कड़ी करने में एक या दो दिन का केवल समय नहीं लगता। बल्कि इसे खड़ा करने में काफी वक़्त लग जाता है। स्टार्टअप एक ऐसा करियर विकल्प है जिसमे धैर्य और अनुशासन की काफी ज़्यादा जरुरत पड़ती है। किसी स्टार्टअप को एक सफल बिज़नेस में बदलने के लिए खून पसीना एक करना पड़ जाता है।

3. देखा-देखी पड़ेगा भारी

मौजूदा हालात किसी दूसरों की देखा-देखि करना तो अब काफी आम बात हो गया है। कई लोग स्टार्टअप की शुरुआत तो केवल अपनी नौकरी से छुटकारा पाने के लिए भी करते हैं। ऐसे लोग की अपने स्टार्टअप से ये अपेक्षा होती है की केवल चंद दिनों में ही इनका स्टार्टअप आसमान में उड़ने लगेगा। लेकिन देखा-देखी या किसी मजबूरी में शुरुआत किये गए स्टार्टअप की उम्र केवल कुछ महीनों से लेकर चंद सालों की ही होती है।

4. संसाधनों की कमी

किसी भी स्टार्टअप को सबसे बड़ा खतरा वैसे कंपनियों से होती है, जो पहले से बाजार में मौजूद उनसे मिलता जुलता प्रोडक्ट या सर्विस पर काम कर रही हो। चूँकि ये कंपनियां अपने फील्ड के जमे-जमाये खिलाड़ी होते हैं, इसलिए इनके पास किसी भी प्रकार के संसाधनों की कभी कमी नहीं होती।

लेकिन वहीं दूसरी तरफ किसी भी स्टार्टअप के पास रातों-रात अचानक से फण्ड और संसाधन की एकदम से उपलब्ध नहीं हो सकता, इसलिए धीरे-धीरे इनके पिछड़ने की संभावना बनी रहती है।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की स्टार्टअप के क्या फायदे हैंऔर साथ ही आपने इससे जुड़े संभावित नुकसान को भी जाना। इस लेख से सम्बंधित किसी प्रकर की कोई शिकायत, सुझाव या सवाल आपके मन में हो तब निचे कमेंट अवश्य करें, धन्यवाद्।

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