वकील कैसे बने? इसके फायदे और नुकसान

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Last Updated on October 3, 2021 by WikiHindi

वकील और वकालत एक ऐसा शब्द जिसकी जरूरत इंसान को अपने जीवन के हर एक मोड़ पर पड़ती है चाहे वो कानूनी रूप से हो या गैर कानूनी रूप में। इस लेख के माष्यम से आप कानून के लिए काम करने वाले वकील और वकालत के बारे में जानोगे। वकालत का साधारण सा अर्थ होता है एक ऐसा इंसान जो आपको और आपके विचारों समझता हो और आपको पूर्ण रूप से सहयोग करने के साथ-साथ आपको सही गलत के मायने बताता हो।

जब बात वकालत की आती है तब किसी के भी दिमाग में सबसे पहला ख्याल आता है की लोग वकील कैसे बनते हैं? और वकालत कैसे करते हैं? इसके अलावा वकील बनने के लिए क्या पढाई करनी पड़ती है और साथ इसके फायदे और नुकसान क्या-क्या हैं? जैसे कई सरे सवाल होंगे जो आपके मन में अवश्य आते होंगे, तब इस लेख आपको ऐसे ही कई सारे सवालों के जवाब मिलेंगे।

वकालत क्या है?

वकील या अधिवक्ता के बारे में आगे बढ़ने से पहले यह जान लेना जरुरी है की वकालत क्या है? वकालत के जरिये यह सुनिश्चित होता है की समाज के हर वर्ग और समुदाय के लोगों को क़ानून के नज़र बराबरी से देखा जाए। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है की लोगों के अधिकार और उनकी आवाज़ को किसी कारण दबाया न जा सके।

वकील कैसे बने इसके फायदे और नुकसान
वकील कैसे बने इसके फायदे और नुकसान

वकील कौन होता है और क्या करता है?

वकील एक ऐसा पेशेवर इंसान होता है जो लोगों के मुद्दे को न्यायतंत्र के सामने सार्वजनिक रूप से उठाता है। वकील किसी भी देश में चल रहे क़ानून व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने में काफी अहम् योगदान देता है। अपनी वकालत की पढ़ाई के बदौलत ये कानूनी दांव-पेंच का इस्तेमाल करते हुए लोगों को न्यायिक प्रकिया में कानूनी रूप से मदद करता है।

अपने तर्क और सच्चाई के बदौलत किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्यायधीश के समक्ष पेश कर उसे न्याय दिलाने की जिम्मेवारी भी लेता है। वकील या कहें अधिवक्ता ये ऐसे शक्श होते हैं, जिन्हे न्यायलय के अधिकारी के रूप में भी जाना जाता है।

वकील कैसे बने?

भारत देश में वकालत करने के लिए किसी भी व्यक्ति को कानून की पढाई में स्नातक की डिग्री हासिल करनी पड़ती है। इस डिग्री को आमतौर पर B.A. L.L.B के नाम से भी जाना जाता है। लॉ में मिलने वाली यह डिग्री 3 और 5 वर्ष के फॉर्मेट में होती है। इसके अलावा केवल पढ़ाई कर लेने मात्रा से ही कोई वकील नहीं बन जाता, आपको इसके लिए कई और अन्य प्रक्रिया से भी गुज़रना पड़ता है जो कुछ इस प्रकार है।

पहला पड़ाव: B.A L.L.B की डिग्री

3 साल BA LLB की कोर्स

अगर आपने किसी भी अन्य विषय में स्नातक प्राप्त क्र लिया है और आपने कम से कम अपने स्नातक की डिग्री में 50 प्रतिशत का अंक हाशिल कर लिया है। तब आप इस 3 वर्ष वाले कोर्स में अपना दाखिला करवा सकते हो।

5 साल का BA LLB की कोर्स

अगर आपने अभी तक स्नातक की डिग्री के लिए कॉलेज में दाखिला नहीं लिया है और आप अभी भी 12वी या उससे निचे की कक्षा में पढ़ाई कर रहे हो, तथा भविष्य में आपने वकालत करने की सोची है। तब आप अपनी 12वीं की पढाई पूरी करने के बाद देश में CLAT नामक आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा के माध्यम से आप BA LLB की पांच वर्ष की पढ़ाई किसी बड़े शैक्षणिक संस्थान से कर सकते हो।

दूसरा पड़ाव: स्टेट बार कॉउन्सिल

वकालत करने की प्रक्रिया में यह काफी अहम् माना जाता है, इसके लिए आपको देश के किसी भी स्टेट बार कॉउन्सिल में अपना नामांकन करवाना पड़ेगा। ये बार कॉउन्सिल Advocate Act 1961 के तहत विनियम होती है। प्रत्येक राज्य की अपनी एक अलग नामांकन प्रक्रिया होती है। एक बार इसमें में नामांकन मिल जाने के बाद उसे अगले पढ़ाओ या कहें एक नए परीक्षा के लिए तैयार होने की जरूरत पड़ती है, जिसे All India Bar Examination के नाम से जाना जाता है।

इस परीक्षा में आपकी बौद्धिक क्षमता, कानून और वकालत से जुड़ी कुछ अहम् और अन्य क्षमताओं का आकलन किया जाता है। इस परीक्षा को पास करने के पश्चात ही आपको कोर्ट में एक वकील के तौर पर प्रैक्टिस करने की सर्टिफिकेट दी जाती है।

वकील बनने के मानदंड

कोई भी व्यक्ति वकील बनने के लिए तभी योग्य होता है, जब वो निचे दिए गए शर्तों को पूरा करता हो:

  1. भारत का नागरिक होना आवश्यक है। यह ध्यान रखने वाली बात यह है की कोई विदेशी भारत में भी अपनी वकालत की प्रैक्टिस कर सकता है बसर्ते उस देश में भी किसी भारतीय को वकालत का प्रैक्टिस करने की छूट मिली हुई हो।
  2. कम से कम आपकी उम्र 21 वर्ष तो होनी ही चाहिए।
  3. लॉ में स्नातक की पढ़ाई पूरी हुई होनी चाहिए।
  4. भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के तहत आपके द्वारा स्टाम्प शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य है और साथ ही आपको स्टेट बार में नामांकन की फीस भी चुकानी पड़ेगी।

वकील बनने के फायदे

  • अच्छी और मोटी वेतन।
  • समाज में बदलाव ला सकते हैं और आपका आपके समाज पर काफी प्रभाव भी रहता है।
  • पैसे से एक वकील होने का सबसे बड़ा फायदा यही है की आपको समाज में सम्मानीय नज़रिये से देखा जाता है।
  • आप अपने अनुसार अपने जीवन की रूप-रेखा तय कर सकते हो और साथ ही आप स्वतंत्र रूप से काम भी करते हो।
  • वकील बनाकर वकालत करना अपने आप में ही एक प्रतिष्ठित पेशा है।

वकील बनने के नुकसान या कमियां

  • आपके पास अक्सर समय की कमी रहेगी, क्योंकि आप आमतौर पर किसी केस में उलझे ही रहोगे।
  • किसी भी हल में या गलती से भी आप अपने क्लाइंट की गोपनीय जानकारी को किसी से साझा नहीं कर सकतेऔर इस बात का ख्याल आपको ही रखना पड़ता है।
  • भारत देश में लाखों केस ऐसे हैं जो अब भी आधार में लटके हुए हैं। तब इस बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं की आपके ऊपर काम का तनाव किस स्तर पर होगा।
  • बड़े-बड़े लॉ से जुड़े फर्म कम तनख्वाह में वकीलों को नौकरी पर रखते हैं और उनसे काम लेते हैं।
  • अगर किसी कारणवश कोई केस आप हर जाते हो तब आपको मुआवजे या आपके काम के बदले पैसे काफी कम मिलेंगे। तनावपूर्ण भरा काम होने के बावजूद आपको कभी-कभी आपके द्वारा किये गए काम के काफी कम पैसे मिलेंगे।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की वकील कैसे बने? और साथ ही आपने इससे जुड़े फायदे और नुकसान और नुकसान को भी जाना। इस लेख से सम्बंधित किसी तरह की कोई सवाल, शिकायत या सुझाव आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें अवश्य बतलायें, धन्यवाद।

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