Fiber Optic Cable क्या है? प्रकार, फायदे और नुकसान

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Last Updated on December 25, 2021 by WikiHindi

जियो और एयरटेल ने भारत में हर एक घर तक इंटरनेट पहुंचे, इसे सुनिश्चित करने के लिए फाइबर ब्रॉडबैंड प्लान की शुरुआत की है। जिसे इंटरनेट यूजर द्वारा काफी ज़्यादा पसंद किया जा रहा है। इसके पीछे का एकमात्र कारण है, इंटरनेट की स्पीड। लेकिन इसके जरिये तेज़ इंटरनेट संभव कैसे हुआ? और ये जियो या एयरटेल फाइबर में फाइबर शब्द का अर्थ क्या है? इस लेख के माध्यम से आपको फाइबर से जुड़ी तमाम जानकारियां मिलेंगी।

Fiber Optic Cable क्या है?

मुख्य तौर पर एक Fiber Optic Cable नेटवर्क केबल होता है, जिसमे एक इंसुलेटेड आवरण के अंदर कांच से बने तार मौजूद होता है। इस केबल का इस्तेमाल लम्बी दुरी पर हाई स्पीड इंटरनेट का संचरण के लिए किया जाता है।

अन्य किसी भी तार या माध्यम के मुकाबले Fiber Optic Cable अत्यधिक बैंडविड्थ मुहैया कराने में सक्षम है। वर्तमान समय में फाइबर ऑप्टिक केबल का इस्तेमाल इंटरनेट, टीवी और फोन में किया जाता है।

Fiber Optic Cable की बनावट

Fiber Optic Cable क्या है प्रकार, फायदे और नुकसान
Fiber Optic Cable की बनावट

किसी भी फाइबर ऑप्टिक केबल में एक या एक से अधिक कांच के बने तार, इंसुलेटेड आवरण के बिच मौजूद होते हैं। इन तारों की मोटाई इंसान के बाल की मोटाई के आस-पास ही होती है। ऑप्टिक फाइबर में मौजूद कोर भी एक परत से घिरी होती है। जिसे क्लैडिंग के नाम से जाना जाता है। प्रत्येक तार के केंद्र को कोर कहा जाता है, जिसमे प्रकाश के रूप में डाटा एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाती है और इंटरनेट की सुविधा प्रदान करती है।

Fiber Optic Cable के प्रकार

फाइबर ऑप्टिक केबल को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है और वह कुछ इस प्रकार है:

  • सिंगल मोड Fiber Optic Cable: वैसे Fiber Optic Cable जिसके कोर के अंदर रौशनी कई भागों में बंट जाती है और केबल के अंदर यात्रा कर रिसीविंग अंत तक पहुँचती है वह मल्टिमोड फाइबर ऑप्टिक केबल कहलाती है। मल्टिमोड कोर की मोटाई लगभग 50 माइक्रोमीटर और 62.5 माइक्रो मीटर के बिच होती है।
  • मल्टिमोड Fiber Optic Cable: वैसे Fiber Optic Cable जिसके कोर के अंदर रौशनी केवल यात्रा करती है और केबल के अंदर यात्रा कर रिसीविंग अंत तक पहुँचती है, वह सिंगल फाइबर ऑप्टिक केबल कहलाती है। मल्टिमोड कोर की मोटाई लगभग 8 माइक्रो मीटर और 9 माइक्रो मीटर के बिच होती है।

Fiber Optic Cable काम कैसे करता है?

Fiber Optic Cable मुख्य रूप से भौतिकी के एक सिद्धांत Total Internal Reflection की पद्दति पर काम करती है। जिसमे रौशनी की किरणें किसी एक ही माध्यम में पूर्ण रूप से परिवर्तित होकर यात्रा करती है, और यह अपने माध्यम में यात्रा करने के दौरान इससे बाहर नहीं निकलती।

आप सभी को यह ज्ञात होगा की कॉपर युक्त तार में डाटा का संचरण इलेक्ट्रॉनिक्स पल्स के रूप में होता है और वहीं फाइबर ऑप्टिक केबल में डाटा का संचरण लाइट पल्स के जरिये होता है।

Fiber Optic Cable के फायदे और नुकसान

आपने अबतक फाइबर ऑप्टिक केबल क्या है? साथ आपने ये भी जाना की फाइबर ऑप्टिक केबल के फायदे और नुकसान कुछ इस प्रकार हैं:

Fiber Optic Cable के फायदे

1. उच्च बैंडविड्थ

किसी भी फाइबर ऑप्टिक केबल में एक आम धातु के तार की तुलना उच्च बैंडविड्थ होती है यही कारण है की फाइबर ऑप्टिक केबल के जरिये डाटा का ट्रांसमिशन काफी तेज़ी से होता है।

2. लम्बी दुरी

फाइबर ऑप्टिग्स केबल में डाटा का संचरण करने में कम से कम ऊर्जा का इस्तमाल होता है और कम पावर के इस्तेमल के बावजूद इसे लम्बी दुरी तक ले जाया जाता है।

3. बेहतर फ्लेक्सिबिलिटी

आम धातु युक्त तारों की तुलना में फाइबर ऑप्टिक केबल किसी भी पर्यावरणीय हालात का सामना करने में ज़्यादा सक्षम है और इसमें तनाव को झेलने की क्षमता आम तारों की चलने में काफी ज़्यादा होती है। यही कारण है की इसे लम्बे समय तक बगैर किसी अन्य समस्या के इस्तेमाल किया जाता है।

4. लेटेंसी को कम करता है

आजकल इंटरनेट से जुड़ी सबसे ज़्यदा समस्या अगर कोई है तब वह है, लेटेंसी की क्यूंकि भले ही आपका इंटरनेट कितना भी तेज़ क्यों न हो पड़ने पर जल्द-से-जल्द इंटरनेट नहीं आपको जोड़ पाटा तब वह आपके काम में देरी का कारण बन सकता है।

5. बेहतर सुरक्षा

धातु युक्त तारों से आमतौर पर डाटा चोरी होते देखा गया और यह करना किसी के लिए भी आसान हुआ करता था। लेकिन फाइबर ऑप्टिक केबल से डाटा की चोरी करना कठिन है क्यूंकि बगैर जानकारी के इस तार में काट छाँट करना किसी आम इंसान के लिए संभव नहीं है।

Fiber Optic Cable के नुकसान

1. भंगुरता

आमतौर पर फाइबर ऑप्टिक केबल को कांच से बनाया जाता है और यही कारण है की जरा सा इस मोड़ने पर यह टूट सकता है और इस केबल के जरिये ट्रांसमिशन पूरी तरह से रुक सकता है।

2. सेटअप करना मुश्किल

इस केबल को को इस्तेमाल करने के खास प्रकार की मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है और बगैर पूर्व जानकारी के एक आम इंसान के लिए इसे स्थापित करना मुश्किल है। किसी प्रकार की टूट-फुट की स्तिथि में आपको पेशेवर कर्मचारी का प्रतीक्षा करना पर सकता है।

3. महँगी

बाकी किसी भी अन्य प्रकार के तारों की तुलना में यह काफी महंगा होता है। महंगा होने का एकमात्र कारण है इसकी बनावट और इसे बनाने में इस्तमाल किया जाने वाले वस्तुएं।

4. चंद सेकंड में केबल नष्ट हो सकता है

फाइबर ऑप्टिक केबल में ध्यान रखने वाली बात ये है की, अगर लिमिट से अधिक इस केबल के जरिये लाइट पल्स भेजी जाती है। तब लाइट्स के imperfection के कारण ग्लास फाइबर के अंदर फाइबर फ्यूज की समस्या उत्पन्न होती है। जो फाइबर ऑप्टिक केबल को केवल चंद मिनटों में नष्ट करने के लिए काफी होता है।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की Fiber Optic Cable क्या है? और साथ ही आपने यह भी जाना की इसके कितने प्रकार हैं और यह काम कैसे करता है? इस लेख से सम्बंधित किसी प्रकार की कोई शंका या सवाल आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें अवस्य बतलायें, धन्यवाद।

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FAQs

Q: फाइबर ऑप्टिक केबल के कितने प्रकार हैं?

उत्तर: दो प्रकार सिंगल मोड और मल्टिमोड

Q: फाइबर ऑप्टिक केबल किस सिद्धांत पर काम करता है?

उत्तर: भौतिकी के Total Internal Reflection वाले सिद्धांत पर फाइबर ऑप्टिक केबल काम करता है।

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