उत्तर प्रदेश जनसंख्या नियंत्रण क़ानून क्या है? इसके फायदे और नुकसान की पूरी जानकारी

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Last Updated on July 14, 2021 by WikiHindi

आपने अपने जीवन काल में अबतक जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के बारे अवश्य ही सुना होगा पर और यह दावे के साथ कहा जा सकता है की जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े कानून अब तक केवल चीन तक सिमित था पर अब यह कानून जल्द ही भारत के उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार लेकर आने वाली है।

जनसंख्या नियंत्रण क़ानून
Reference Only: Population Crowd

जी हाँ आपने सही पढ़ा, अब जनसंख्या नियंत्रण क़ानून को भारत के उत्तर-प्रदेश में लाने की कवायद जोर-शोर से चालु हो गयी है और इसे उत्तर-प्रदेश की सदन में 19 जुलाई 2021 पेश किया जाएगा। सदन में अगर यह बिल पास होता है तब वर्ष 2021 से यह बिल क़ानून के रूप में उत्तर-प्रदेश वाशियों के लिए लागू हो जाएगा।

उत्तर प्रदेश की सरकार इस कानून का प्रारूप तैयार कर चुकी है और उत्तर प्रदेश के साथ-साथ देश की जनता से इस प्रारूप पर भी आधिकारिक तौर पर सरकार द्वारा राय और सुझाव मांगी गयी है।

लेख में मौजूद सामग्री

जनसंख्या नियंत्रण क़ानून बिल है क्या?

जनसंख्या नियंत्रण क़ानून बिल को जनता के सामने लाना और इसे पास कर कानून बनाने का एक-मात्र उद्देश्य है, उत्तर-प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या को नियंत्रण में लाना। इस बिल में दो बच्चों की निति पर जोर दिया जा रहा है, जिसका सीधा सा अर्थ है केवल दो या दो से काम बच्चों का जन्म देना और अगर कोई तीन या तीन से अधिक बच्चे को जन्म देता है तब वैसे दंपति और उनके बच्चों को ऐसे बहुत सारे सरकारी सुविधाओं जैसे स्थानीय निकाय चुनाव, सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी, सरकारी नौकरी में आवेदन से वंचित और बाकी अन्य सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है।

केवल यही नहीं अगर आप एक सरकारी कर्मचारी हैं तब आपको पद्दोनत्ति से रोका जा सकता है और जबकि इस कानून को मानने पर आपको प्रोत्साहन भी मिल सकता है।

बिल के ड्राफ्ट की अगर बात की जाए तब उसमे सरकार ने इस बिल के पीछे का उद्देश्य साफ़-साफ़ लिखा है: ड्राफ्ट के अनुसार जनसंख्या नियंत्रण क़ानून को बढ़ावा देने पर राज्य में मौजूद सिमित संसाधनों का सही से उपयोग मे लाया जा सकेगा, और राज्य के नागिरकों को सस्ता खाना, स्वच्छ पीने योग्य पानी, रहने लायक घर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, घरेलु बिजली जैसे कई सारे बुनियादी जरूरतों को मुहैया कराया जा सकेगा।

जनसंख्या नियंत्रण क़ानून सारांश

Title(शीर्षक)Uttar Pradesh population (Control, Stabilization and Welfare) Act, 2021
Purpose (बिल लाने का उद्देश्य)प्रदेश में बढ़ रही जनसंख्या को नियंत्रित करना।
Present Government (वर्तमान सरकार)B.J.P. (भारतीय जनता पार्टी)
C.M. (मुख्यमंत्री)योगी आदित्यनाथ
Applicable Region (लागू होने वाले क्षेत्र)Uttar Pradesh (उत्तर-प्रदेश )
Applicable from (लागू होने का वर्ष)बिल के पास होने के एक साल बाद यह क़ानून लागू होगा।
Applicable on (जिस पर लागु होगा)इस अधिनियम के प्रस्ताव विवाहित जोड़े पर लागू होंगे जहाँ लड़कों का उम्र 21 वर्ष से कम नहीं और लड़कियों की उम्र 18 से कम नहीं होना चाहिए।
जनसंख्या नियंत्रण क़ानून सारांश

Uttar-Pradesh में जनसंख्या नियंत्रण क़ानून की जरुरत क्यों पड़ी?

इस बिल को ड्राफ्ट करने वाले सदस्यों के अनुसार इस नीति को लाने की जरुरत निचे दिए गए कारणों से पड़ी:

  • प्रदेश में बढ़ रही जनसंख्या को नियंत्रित करना ताकी सतत विकाश किया जा सके और समानता लाया जा सके।
  • जनसंख्या को नियंत्रण में ला कर मातृत्व और शिशु मृत्यु दर को कम करना।
  • 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का मृत्यु दर कम करना और पोषण की स्तिथि में सुधार करना।
  • महिलाओं में सकल प्रजनन दर को 2021 तक 2.1 और 2030 तक 1.9 तक लाना।
  • स्वस्थ्य सम्बन्धी सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाया जाएगा और इन सेवाओं को और सस्ता करने पर जोड़ दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के तहत सरकारी कर्मचारी को क्या-क्या फायदे मिलेंगे

अगर आप अपनी राज्य सरकार के किसी भी संस्था में अपनी सेवाएं दे रहे है और आप 2 बच्चों या फिर एक बच्चे की नीति को अपनाते हैं तब आपको प्रोत्साहन के तौर पर कुछ फायदे मिलेंगे, जैसा की ड्राफ्ट में बताया गया है

सरकारी कर्मचारी द्वारा दो बच्चों की नीति को अपनाने पर होने वाले फायदे

  • आपके पुरे कार्यकाल के दौरान 2 बार अतिरिक्त वेतन वृद्धि का फायदा मिलेगा।
  • घर अथव ज़मीन के खरीदारी के समय आपको सरकार की तरफ से छूट(Subsidy) दी जाएगी।
  • मामूली से ब्याज दर पर घर बनाने अथवा ज़मीन खरीदने पर सॉफ्ट लोन ले सकेंगे।
  • पानी तथा बिजली जैसी अन्य उपयोगी चीज़ों के शुल्क में कुछ राहत दी जाएगी।
  • मातृत्व या पितृत्व में आपको 12 महिनों की सैलरी (तनख्वाह) के साथ छुट्टी दी जाएगी।
  • राष्ट्रीय कर्मचारी पेंशन योजना के तहत आपके नियोक्ता के तरफ से 3 प्रतिशत का अतिरिक्त योगदान दिया जाएगा।
  • आपकी पत्नी को मुफ्त स्वास्थ बिमा योजना और स्वास्थ सेवाओं का लाभ मिलेगा।
  • इसके अलावा और भी कई सारे फायदे दिए जा सकते हैं।

सरकारी कर्मचारी द्वारा एक बच्चे की नीति को अपनाने पर होने वाले अतरिक्त फायदे

  • आपके पुरे कार्यकाल के दौरान 2+2 बार अतिरिक्त वेतन वृद्धि का फायदा मिलेगा।
  • आपके एक-मात्र बच्चे को उसके 20 साल की उम्र तक मुफ्त में स्वास्थ बिमा योजना और स्वास्थ सेवाओं का लाभ मिलेगा।
  • शिक्षण संस्थानों में नामांकन के दौरान आपके एक-मात्र बच्चे को वरीयता दी जाएगी।
  • स्नातक तक की शिक्षा मुफ्त में दी जाएगी।
  • उच्चा शिक्षा में आपकी एक मात्र बेटी को छात्रवृति की सुविधा दी जाएगी।
  • सरकारी नौकरी में भी आपके एकमात्र बच्चे को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • इसके अलावा और भी कई सारे फायदे दिए जा सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के तहत नागरिकों को क्या-क्या फायदे मिलेंगे

अगर आप अपनी राज्य सरकार के किसी भी संस्था में अपनी सेवाएं से जुड़े हुए नहीं हैं लेकिन फिर भी सरकार के इस नीति के तहत आपको भी कुछ सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी और अगर आप 2 बच्चों या फिर एक बच्चे की नीति को अपनाते हैं तब आपको प्रोत्साहन के तौर पर कुछ फायदे मिलेंगे, जैसा की ड्राफ्ट में बताया गया है:

आम नागरिकों द्वारा दो बच्चों की नीति को अपनाने पर होने वाले फायदे

  • मामूली से ब्याज दर पर घर बनाने अथवा ज़मीन खरीदने पर सॉफ्ट लोन ले सकेंगे।
  • पानी तथा बिजली जैसी अन्य उपयोगी चीज़ों के शुल्क में कुछ राहत दी जाएगी।
  • अगर आप प्राइवेट कर्मचारी हैं तब मातृत्व या पितृत्व में आपको 12 महिनों की सैलरी (तनख्वाह) के साथ छुट्टी दी जा सकती है।
  • इसके अलावा और भी कई सारे फायदे दिए जा सकते हैं।

आम नागरिकों द्वारा एक बच्चे की नीति को अपनाने पर होने वाले अतिरिक्त फायदे

सरकारी कर्मचारी के अतिरित्क बाकि वैसे सभी लोग जो एक बच्चे की नीति को अपनाएंगे उन्हें ऊपर दिए गए फायदे तो होंगे ही इसके अलावा उन्हें कुछ अतिरिक्त फायदे भी मिलेंगे जैसा की निचे बताया है:

  • आपके एक-मात्र बच्चे को उसके 20 साल की उम्र तक मुफ्त में स्वास्थ बिमा योजना और स्वास्थ सेवाओं का लाभ मिलेगा।
  • शिक्षण संस्थानों में नामांकन के दौरान आपके एक-मात्र बच्चे को वरीयता दी जाएगी।
  • स्नातक तक की शिक्षा मुफ्त में दी जाएगी।
  • उच्चा शिक्षा में आपकी एक मात्र बेटी को छात्रवृति की सुविधा दी जाएगी।
  • सरकारी नौकरी में भी आपके एकमात्र बच्चे को प्राथमिकता दी जाएगी।

गरीबी रेखा(BPL) के नीचे जीवन व्यतीत कर रहे नागरिको को मिलने वाले अतिरिक्त फायदे

गरीबी रेखा के निचे जीवन व्यतीत कर रहे वैसे नागरिक जिनके केवल एक बच्चे हैं और महिला ने अगर बंध्याकरण करवा लिया हो तब उस परिस्तिथि में पहला बच्चा लड़का रहने पर दंपत्ति को एक-मुश्त ₹80,000 पहला बच्चा लड़की रहने पर एक-मुश्त 1 लाख रूपए दिया जाएगा।

इसे भी पढ़ें: मेडिटेशन (ध्यान) क्या है? और इससे जुड़े फायदे

उत्तर प्रदेश के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून तहत दो से अधिक बच्चे होने की स्तिथि में आपको क्या-क्या नुक्सान होंगे?

अगर आपके दो से अधिक बच्चे इस क़ानून के पारित होने के पश्चात होते हैं तब आपको कई सारे नुकसान हो सकते हैं, बसर्ते कुछ ऐसी परिस्तिथियाँ हैं जिनमे कुछ छूट दी गयी है जिसके बारे मे हम इस लेख में बाद में बात करेंगे।

  • सबसे पहले तो आपको ऊपर दिए गए किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं मिलेगी, जिसे आप एक नुकसान के आपको नज़रिये से देख सकते हैं।
  • सरकार द्वारा चाली जा रही कल्याणकारी योजनाओं से आपको वंचित किया जा सकता है।
  • सरकारी राशन कार्ड को एक परिवार में केवल 4 लोगों तक सिमित किया जा सकता है।
  • आपको स्थानीय प्राधिकरण या कोई भी स्थानीय स्वशासन के निकाय से वंचित किया जा सकता है।
  • आपके बच्चों को सरकारी नौकरी में भर्ती से वंचित किया जा सकता है।
  • सरकारी नौकरी में आपको पद्दोनत्ति से रोका जा सकता है, पर अगर इस क़ानून के पारित होने से पहले तक आपके दो से अधिक बच्चे हैं तब आपको इससे किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होगी आपको इसमें छूट दी जाएगी।
  • आपको किसी भी प्रकार की सरकारी सब्सिडी प्राप्त करने पर रोक लगाई जा सकती है।

निष्कर्ष

इस लेख में आपको उत्तर प्रदेश के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून से जुड़ी हर जानकारी मुहैया कराने की कोशिश है और इससे जुड़ी हर उन सवालों के जवाब को देने की कोशिश की गयी है जो एक आम नागरिक में मन में उठ रहा हो, मन में कोई सवाल हो तब आप हमसे कमेंट के जरिये बात कर सकते हैं। किसी प्रकार की कोई व्याकरण या हिंदी टाइपिंग में Error हो तब क्षमा करें। हमारे द्वारा प्रस्तुत किये गए इस जानकारी को पढ़ने के लिए, धन्यवाद।

FAQ’s

Q: उत्तर प्रदेश के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून का उद्देश्य क्या है?

Ans: प्रदेश में बढ़ रही जनसंख्या को नियंत्रित करना।

Q: उत्तर प्रदेश के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून किस पर लागू होंगे?

Ans: इस अधिनियम के प्रस्ताव विवाहित जोड़े पर लागू होंगे जहाँ लड़कों का उम्र 21 वर्ष से काम नहीं और लड़कियों की उम्र 18 से कम नहीं होना चाहिए।

Q: उत्तर प्रदेश के जनसंख्या नियंत्रण क़ानून कब लागू होंगे?

Ans: जनसंख्या नियंत्रण बिल के सदन में पास होने के एक वर्ष बाद यह पुरे उत्तर-प्रदेश में लागू होगा।

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