मेडिटेशन (ध्यान) क्या है? और इससे जुड़े फायदे

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Last Updated on July 16, 2021 by WikiHindi

मेडिटेशनएक ऐसा शब्द है मॉडर्न युग में जिसका की अपने सुविधा अनुसार अर्थ को मनुष्यों द्वारा बदल दिया है, Meditation का अर्थ हर तरह के व्यक्तियों के लिए अलग-अलग मायने रखता है। कुछ लोगों के लिए मैडिटेशन का अर्थ है सोच-विचार करना जबकि कुछ लोग इसे केवल खुली आँखों से सपने देखना या फिर कल्पना करना समझते हैं। जबकि यह दोनों ही मायने मैडिटेशन के गलत हैं।

हमें हमारे बचपन के दिनों से ही परिवार अथवा समाज द्वारा केवल बाहरी दुनिया को ही दिखाया जाता रहा है, हमें कभी यह नहीं बताया जाता की हम हमारे मन के भीतर कैसे देखें? और यही कारण है की हम अक्सर देश-दुनिया और अपने समाज से तो परिचित होते हैं पर अपने स्वयं से अनजान रह जाते हैं और हमे हमारे ताकतों का अंदाज तक नहीं होता। मैडिटेशन एक प्रकिर्या है जिसके द्वारा इंसान अपने मन की किसी भी प्रकार की स्तिथि को जान सकता है और समझ सकता है और अगर किसी प्रकार का शारीरिक अथवा मानसिक द्वेष हो तब उसे दूर भी कर सकता है।

मेडिटेशन(ध्यान) क्या है?

मेडिटेशन (ध्यान) क्या है? और इससे जुड़े फायदे

मेडिटेशन सा सीधा सा अर्थ है अपने मस्तिष्क को शांत रखना और चेतना से परिपूर्ण करना, मस्तिष्क की यह स्तिथि आम स्तिथि से काफी अलग होती है। मेडिटेशन किसी धर्म-विशेष तक ही शिमित नहीं है यह किसी भी धर्म या समुदाय से जुड़े लोगो के द्वारा कुछ मानकों को फॉलो करके किया जाने वलएक योग क्रिया है। मेडिटेशन के अनेकों फायदे हैं:

मेडिटेशन से जुड़ी कुछ ध्यान देने योग्य बातें:

  1. लगभग सभी धर्म को मानने वाले लोग जैसे: हिन्दू, जैन, सिख, बुद्ध, क्रिस्चियन और इस्लाम इत्यादि में मैडिटेशन अथवा ध्यान करना एक परंपरा के रूप में विकसित हो चूका है।
  2. कुछ लोगो मेडिटेशन को धार्मिक प्रकिर्या के तहत करते हैं जब की कुछ लोग इसे आम ज़िन्दगी का हिस्सा मान अपने फायदे के लिए प्रतिदिन करते हैं।
  3. अक्सर यह देखा गया है की मेडिटेशन के इस्तेमाल से मनो-चिकित्षक रोगों को दूर किया जाता है और यह हमेशा ही कारगर साबित होता रहा है।

मेडिटेशन के कितने प्रकार होते है?

वैसे तो मेडिटेशन के अनेकों प्रकार होते हैं पर यहां हम आपसे केवल 6 प्रकार के बारे में बात करेंगे, जो की ज़्यदातर आम इंसानो द्वारा किया जाता रहा है:

  1. सचेतना ध्यान(Mindfulness Meditation): सचेतना, ध्यान करने की एक ऐसी प्रकिर्या है जिसे आप कभी भी कहीं भी कर सकते हैं, इसके लिए इस ध्यान को करने के समय आप पाने विचारो को अपने साथ रखते हैं, और साथ ही साथ आपको इस बात की भि खबर होती है की आप क्या कर रहे हैं और आपके आस-पास का माहौल क्या है। सचेतना ध्यान को आप बस अथवा ट्रैन में यात्रा करने के दौरान भी कर सकते हैं।
  2. ट्रान्सेंडैंटल ध्यान(Transcendental Meditation): इस ध्यान प्रकिर्या को करने के लिए आपको कुछ चीज़ों की जरूरत पड़ती है जैसे: मुहावरे, श्लोक, मन्त्रों का जाप या फिर ध्वनि, आपको इन शब्दों को ध्यान करने के वक़्त दोहराना पड़ता है। इस ध्यान को आप प्रतिदिन दो बार, 20 मिनट की समय अवधी के लिए एकांत स्थान पर अपनी आँखों को बंद करके कर सकते हैं।
  3. विपासना ध्यान(Vipassana Meditation): विपासना लगभग 2500 वर्ष पूर्व खोजा गया ध्यान करने का एक प्राचीन भारतीय तरीका है , और यहाँ विपासना का सीधा सा अर्थ है चीज़ों को बिलकुल वैसी अवस्था में देखना जैसा की वह है। विपासना ध्यान ही एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा आप अपने आप को जान और समझकर खुद में बदलाव ला सकते हैं और अपनी कमियां दूर का सकते हैं। इस ध्यान प्रक्रिया को करने के दौरान आपको अपने मन को अपने दिमाग के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है।
  4. निर्देशित ध्यान(Guided Meditation): इस ध्यान प्रक्रिया के दौरान आपको एक ऐसी अवस्था में अपने तन और मन को ले जाना पड़ता हैं जहा पर आप अपने मन में कोई चित्र या कोई ऐसी स्तिथि में होते हैं, जिससे आपके मन को शुकुन मिलता है। इस प्रक्रिया को करने में आपकी मदद कोई शिक्षक या फिर कोई एक्सपर्ट करता है।
  5. चक्र ध्यान(Chakra Meditation): चक्र एक प्राचीन संस्कृत का शब्द है जिसका अर्थ है ‘चक्का’। चक्र को आप अपने शरीर की आध्यात्मिक शक्ति और ऊर्जा केंद्र की तरह भी समझ सकते है। ऐसा माना जाता है की चक्र के कुल 7 रंग होते हैं, जो शरीर के विभिन्न भागो में स्तिथ होता है। इस ध्यान को मुख्य रूप से शरीर के अंगों में संतुलन बनाने के लिए किया जाता है।
  6. योग ध्यान(Yoga Meditation): जैसा की आप सभी इस बात से परिचित होंगे की योग का इतिहास प्राचीन भारत से जुड़ा है और शायद आप अबतक इस बात से अनजान होंगे की योग भी एक प्रकार का ध्यान(Meditation) ही है। योग करने ऐसे कई सारे तरीके हैं जो भारत तथा दुनिया के अन्य कोने में प्रचलित हैं। आपको यह जानकार हैरानी होगी की योग के किसी भी रूप में दो चीज़ें आम है जैसे की सभी में शरीर को एक ख़ास आसान में लाया जाता है और अपने साँसों पर नियंत्रण लाया जाता है और इन दो बातों का एक ही अर्थ है, शरीर को लचीला और तंदरुस्त रखना और मन की शान्ति को बनाये रखना।

Meditation अथवा ध्यान की शुरुआत कैसे करें

वैसे तो मेडिटेशन के कई सारे प्रकार हैं जैसा की आपने ऊपर पढ़ा होगा, और इसे करने के भी बहुत सारे तरीके हैं पर अगर आप meditation की शुरुआत करने वाले हैं तब सबसे पहले आपको इन सभी बातों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए:

मेडिटेशन (ध्यान) क्या है? और इससे जुड़े फायदे
  1. स्थान चिन्हित करना: सबसे महत्वपूर्ण और ध्यान रखने योग्य बात यह है की आपको सबसे पहले एक ऐसे स्थान को चुन लेना है जहाँ आपको शान्ति महसूस हो और ऐसे किसी भी शोर-शराबा वाले स्थान से दूर कोई स्थान चुने। अपने ध्यान स्थान के आस-पास मोबाइल, टेलीविज़न, या फिर किसी दूसरे शोर-शराबा और आपके ध्यान को भंग करने वाले वश्तुओं को इस स्थान से दूर रखें ।
  2. समस्य सीमा निश्चित करें: अगर आप अभी ध्यान की शुरआत ही करने वाले हैं तब आप एक समय सीमा अवश्य निश्चित कर लें और जैसे-जैसे आपको आदत पड़ने लगे तब वैसे-वैसे अपने हिसाब से समय को बढ़ाते चले जाएँ।
  3. अपने शरीर पर ध्यान देते हुए आराम की अवस्था में बैठे: आप अपनी सुविधा अनुसार ज़मीन पर अथवा किसी कुर्सी या फिर बेड पर पैरों को मोड़ कर बैठें, और इस प्रकार बैठे की आप इस अवस्था में लम्बे समय तक बैठे रह सकते हैं।
  4. अपनी साँस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दें: जोर से गहरी साँसे लेने की कोशिश करें और फिर एक बार में सांस न चोरते हुए धीरे-धीरे अपनी साँसों को छोरे। आपके द्वारा लिए गएँ प्रत्येक सांस को ध्यान पूर्वक महसूस करने की कोशिश करें।

Meditation अथवा ध्यान करने के फायदे

खोजकर्ता की बात को अगर माने तब मेडिटेशन(ध्यान) करने के केवल मनोवैज्ञानिक फ़ायदे ही नहीं हैं बल्कि इसके शारीरिक फायदे भी हैं। अगर कुछ शारीरिक फायदों की बात करें तब इससे आपके उच्च अथवा निम्न रक्त-चाप में कमी आती है, ह्रदय गति को नियंत्रण में रखता है और साथ ही साथ आपके मानसिक तनाव को काम करने में काफी हद्द तक मदद भी करता है।

Meditation(ध्यान) करने से स्वास्थ्य सम्बन्धी 11 फायदे:

  1. तनाव कम करना: ज़्यादातर लोग Meditation की शुरुआत अपने मानसिक तनाव को कम करने के लिए ही करते हैं।
  2. आपके चिंता को नियंत्रण में रखने में यह काफी मददगार शाबित होता है।
  3. आपने भावनात्मक स्वास्थय को यह मज़बूत करता है।
  4. यह आपको आत्मा-जागरूक बनाने में आपकी मदद करता है।
  5. यह आपके ध्यान केंद्रित करने की शक्ति को मज़बूत करता है।
  6. समय के होने वाली यादाश्त कम होने वाली बिमारी को भी कम करता है।
  7. यह आपके विचारों को सकारात्मक बनाता है और साथ ही आपके भीतर दयालुता उत्पन्न करता है।
  8. किसी भी प्रकार लत्त को छुड़ाने में आपकी मदद करता है।
  9. जहाँ दुनिया के आधे से अधिक जनसँख्या को सोने से जुड़ी बीमारी का सामना कर रहा है, वहीँ यह आपको इस प्रकार की समस्या से राहत दिलाता है।
  10. रक्त चाप को नियंत्रण में कर आपके सेहत को मज़बूत बनता है।
  11. आपके शरीर में रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

इसे भी पढ़ें: ज़ीका वायरस क्या है? इसके लक्षण और इससे कैसे बचें

मेडिटेशन(ध्यान) से जुड़े कुछ संभावित खतरे

अब तक आपने केवल यह जाना की मेडिटेशन करने के कितने सारे फायदे हैं, पर क्या आप जानते हैं अगर एक तरफ इसके फायदे हैं तब दूसरी तरफ इसके नुकसान भी संभव हैं, तो चलिए जानते हैं मेडिटेशन से जुड़े संभावित खतरों के बारे में:

  • जब आप पहली बार मेडिटेशन करने की शुरुआत करते हैं और अपने प्रतिदिन की जीवन शैली में इसे धामिल करते हैं तब आपकी यह कोशिश होती है की काम से काम समय में अधिक से अधिक फायदे आपको मिले। लेकिन ऐसा कुछ होता नहीं आप इस चक्कर में कहीं न कहीं अपने शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं क्युकी आपका शरीर अचानक से आपके अनुसार किसी भी अवस्था में नहीं ढल सकता है शुरुआती दिनों में कुछ समय जरूर ले सकता है।
  • एक अध्यन में यह भी पाया गया है की शुरुआती दिनों में मेडिटेशन आपको परेशान करने वाली भावना को भी जन्म देता है, जिसे संभालना थोड़ा मुश्किल होता है।
  • कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है की मेडिटेशन मानसिक सम्बन्धी कुछ बिमारी जैसे अवसाद अथवा चिंतन के शुरूआती लक्षणों को और भी गंभीर कर सकता है।

निष्कर्ष

आपने इस लेख में माध्यम से यह जाना कि मेडिटेशन अथवा ध्यान क्या होता है, इससे जुड़े फायदे, नुक्सान और अन्य जानकारियां आपको यहाँ दी गयी। अगर आपके मन में कोई सवाल या व्यथा हो तब निचे अवश्य कमेंट करें और मेंडिडेशन से जुडी कुछ ऐसी बातें जो आप हमसे शेयर करना चाहते हो तब भी आप निचे अवश्य कमेंट करें, धन्यवाद।

FAQ’s

Q: मेडिटेशन(ध्यान) क्या है?

Ans: मेडिटेशन सा सीधा सा अर्थ है अपने मस्तिष्क को शांत रखना और चेतना से परिपूर्ण करना, मस्तिष्क की यह स्तिथि आम स्तिथि से काफी अलग होती है। मेडिटेशन किसी धर्म-विशेष तक ही शिमित नहीं है यह किसी भी धर्म या समुदाय से जुड़े लोगो के द्वारा कुछ मानकों को फॉलो करके किया जाने वलएक योग क्रिया है।

Q: मेडिटेशन के कितने प्रकार होते है?

Ans: सचेतना ध्यान, ट्रान्सेंडैंटल ध्यान, विपासना ध्यान, निर्देशित ध्यान, चक्र ध्यान, योग ध्यान।

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