Distance Learning के फायदे और नुकसान

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Last Updated on September 17, 2021 by WikiHindi

Distance Learning पढाई और शिक्षा के क्षेत्र में काफी तेज़ी से हो रहे बदलाव का उचित उदाहरण है। इनसब के साथ-साथ पढाई करने के तरीकों में भी काफी तेज़ी से बदलाव देखा जा सकता है। पहले बच्चे 12वीं तक की पढाई पूरी करने के बाद सीधे किसी बड़े या स्थानीय स्तर के कॉलेज में दाखिला लेकर अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी किया करते थे।

लेकिन अब विद्यार्थियों के पास घर बैठे या कहीं से काम करके भी पढ़ने का अवसर जागृत हो चूका है। आपको बता दें दें बगैर कॉलेज गए और बगैर हाज़िरी बनाये पढाई करने की प्रक्रिया ही Distance Learning कहलाती है।

Distance Learning के फायदे और नुकसान
Distance Learning के फायदे और नुकसान

Distance Learning के फायदे

Distance Learning खुद से पढ़ाई करने का एक अच्छा माध्यम माना गया है। इसके वजह से विद्यार्थी किसी भी काम को करते रहने के दौरान भी अपनी पढ़ाई पूरी कर डिग्री हासिल करते हैं। इस प्रकार ऐसे कई सारे फायदे हैं जो Distance Learning के तहत एक विद्यार्थी को होता है।

1. काम के साथ-साथ पढ़ाई

Distance Learning वैसे विद्यार्थियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो किसी मजबूरी के कारण कॉलेज जाकर अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकते। ज़्यादातर वैसे छात्र Distance Learning के तहत अपनी शिक्षा ग्रहण करते हैं जो काम से साथ-साथ अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। इसके जरिये आप अपने काम को करते हुए भी अपनी डिग्री और उच्च शिक्षा की प्राप्ति कर सकते हैं।

काम से छुट्टी की आवश्यकता केवल तब पड़ती है जब आपको परीक्षा में सम्मिलित होना होता है। एक बार आपकी पढ़ाई जब पूरी हो जाती है तब आपके लिए और भी अवसर के दरवाज़े खुल जाते हैं।

2. कम पैसों में पढ़ाई

Distance लर्निंग का सबसे बड़ा फायदा यही है की कॉलेज से पढ़ाई करने की तुलना में आपकी पढ़ाई इसके जरिये काफी कम पैसों में भी पूरी हो जाती है। दूसरी तरफ इसके जरिये पढाई करने पर आपको प्रतिदिन कॉलेज जाकर कक्षा में भी बैठना नहीं पड़ता और इस वजह से आपके आने-जाने में लगने वाले किराए की भी बचत हो जाती है।

अगर हम बात करें इसमें लगने वाली फीस की तब आपको बता दें की Distance Learning के जरिये पढ़ाई करने की फीस कॉलेज से पढ़ाई करने की तुलना में 70 से 80 फीसदी तक कम होती है। फीस कम होने का एकमात्र कारण यह है की कॉलेज या विश्वविद्यालय द्वारा आपको पढ़ाने के लिए किसी प्रोफेसर या प्राध्यापक कोफीस देने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

3. समय की बचत

सुबह सबसे पहले उठना फिर कॉलेज जाकर प्रत्येक विषय का क्लास अटेंड करना और वक़्त रहते हाज़िरी बनाना और इनसब के अलावा प्रत्येक विषय का अध्यन सामग्री इसक्काथा करना अपने आप में किसी परेशानी से कम नहीं है। लेकिन Distance Learning के लिए आपको ऐसी किसी परेशानियों का सामना करना नहीं पड़ता। यहाँ तक की कॉलेज या विश्वविद्यालय आपके लिए अध्यन की सामग्री पोस्ट के जरिये आपके घर तक पहुंचाती है।

समय की मोल पैसों की तुलना में हमेशा से ही काफी अधिक रही है। यह भी एक कारण है की लोग अपने किसी अन्य काम को करते हुए भी पढ़ाई को जारी रखते हैं और इनसे उनका कम से कम 2 से 3 साल की लम्बी समय की बचत हो जाती है। जब से इंटरनेट और कंप्यूटर का इस्तेमाल पढ़ाई के क्षेत्र में होने लगा है, तब से Distance Learning इक्षुक विद्यार्थियों के लिए पहला पसंद बन चूका है।

4. किसी प्रकार की बाध्यता नहीं

Distance Learning का सबसे बड़ा फायदा यही है की आप अपने मन के मालिक होते हैं आपके ऊपर किसी तरह की कोई बाध्यता नहीं होती। जब इच्छा हो तब पढ़ाई कर लिया और जब काम हो तब काम भी कर लिया। कॉलेज की तरह आपको रोकने-टोकने वाला कोई नहीं होता। आपको केवल समय रहते परीक्षा में शामिल होकर परीक्षा पास करने की आवश्यकता होती है।

5. अपनी सुविधानुसार पढ़ाई

कक्षा में पढ़ाई करने के दौरान अगर किसी कारण कोई एक कक्षा भी छूटी तब विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी मुशीबत यही होती है की कैसे छूटे हुए क्लास की पढ़ाई को पूरी जाए और उस दौरान कक्षा में समझाए गए कॉन्सेप्ट को कैसे समझा जाए। लेकिन Distance Learning में ऐसी कोई परेशानियों का समाना विध्यार्तीयों को करना नहीं पड़ता क्यूंकि यहाँ विद्यार्थयों को अपने सुविधा अनुसार पढ़ने की छूट होती है।

आप चाहो तो एक सप्ताह में भी पढाई पूरी कर सकते हो और आपकी इक्षा हो तब आप अपनी पढ़ाई को निर्धारित कार्यकाल में परीक्षा से पूर्व भी पूरी कर सकते हो।

Distance Learning के नुकसान और कमियां

Distance लर्निंग से होने वाले फायदों को तो आपने जान लिया, पर क्या आप जानते हो की इसके कई सारे नुकसान भी है और साथ में कुछ कमियां भी हैं जो आपको पढ़ाई के दौरान अहसास होगा।

1. ध्यान केंद्रित करना मुश्किल

इस तरीके से उच्च शिक्षा ग्रहण करने की सबसे बड़ी कमी यही है की विद्यार्थियों को शुरुआत में पढ़ाई के केंद्रित करना काफी कठिन होता है। Distance Learning के जरिये पढ़ाई पूरी करने वालों में वैसे लोगो की संख्या ज़्यादा होती है जो पहले से हुए होते हैं कर इनके लिए पढाई पढाई के लिए भी समय निकालना काफी कठिन होता है। कई बार तो पढ़ाई के लिए समय निकलना नामुमकिन सा होता है और यही कारन भी है की कुछ लोग अपनी पढ़ाई निर्चारित समय अंतराल में पूरी नहीं कर पाते हैं।

दूसरी तरफ आपके आस-पास नहीं कोई प्रोफेसर होता है और नाहीं कोई साथी जो आपकी पढ़ाई में आपकी मदद आपके पढ़ाई में प्रोग्रेस पर नज़र रख सके।

2. तकनीक से जुड़ी चुनौतियाँ

आजकल इंटरनेट, कंप्यूटर और स्मार्टफोन जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर Distance Learning Program को कॉलेज और विश्वविद्यालय और भी बेहतर करने की कोशिश कर रही है। कहीं न कहीं ये एक अलग ही चुनौती को भी बुलावा दे रही है।

क्यूंकि आज भी देश में कई सारे दूर दराज़ इलाके ऐसे भी हैं जहाँ इंटरनेट की सुविधा काफी अच्छी नहीं है और इसके साथ ही कुछ विद्यार्थियों के लिए स्मार्टफोन या लैपटॉप जैसे उपकरण को खरीदना आज किसी सपने से कम नहीं है। इसलिए Distance Learning का फायदा सभी वर्गों तक एक जैसे रूप में नहीं पहुँच पाता और कहीं न कहीं यह एक एक तरह की चुनौती ही है।

3. छिपी कीमत

हालांकि Distance Learning से पढाई करना काफी सस्ता होता है लेकिन फिर भी इसमें कुछ ऐसे चार्ज जुड़े होते हैं जो हिडन होते हैं। अच्छे से जांच पड़ताल करने के पश्चात ही आपको असली कीमत की जानकारी होती है। वहीँ दूसरी तरफ अगर आपके लर्निंग प्रोग्राम में ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा भी शामिल है तब शुरुआत में आपको अलग से कुछ निवेश की भी आवश्यकता पड़ेगी जैसे कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन और इंटरनेट।

इनसब के अलावा आपको कुछ अतिरिक्त गैजेट में भी निवेश करने की जरूरत पर सकती है जैसे की वेब कैमरा, माइक, प्रिंटर, स्कैनर और सॉफ्टवेयर इत्यादि।

4. काफी कम कौशल विकाश

Distance Learning प्रोग्राम के तहत पढ़ाई करने वाले छात्रों के बिच और प्रोफेसर के बिच भी किसी तरह की कोई बातचीत या जुड़ने की सुविधा नहीं होती है। इन्हे सबकुछ अपने बदौलत ही अकेले ही करना पड़ता है। जिस कारण पढ़ाई सम्बंधित आपस में विचार-विमर्श करने से चूक जाते हैं। इसलिए इस माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों के बिच टीम वर्क और कौशल विकास की काफी कमी होती है।

5. डिग्री का महत्व

यह एक अटल सत्य है की रेगुलर क्लासरूम के जरिये पढ़ाई करने वालों की डिग्री की महत्व Distance Learning करने वालों की तुलना में काफी ज़्यादा होती है। केवल यही नहीं जब बात रोजगार की आती है तब भी कंपनी रेगुलर क्लासरूम के जरिये डिग्री या डिप्लोमा हासिल करने वाले छात्र ही होते हैं।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की Distance Learning क्या है ? और साथ ही आपने जाना की इसके फायदे क्या हैं और इससे जुड़े नुकसान और कमियों को भी आपने जाना। लेख से सम्बंधित किसी तरह की कोई सवाल, शिकायत या सुझाव आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें अवश्य बतलायें, धन्यवाद।

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