कल्याण सिंह का जीवन परिचय | Kalyan Singh Biography in Hindi

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Last Updated on August 21, 2021 by WikiHindi

कल्याण सिंह, इस नाम को आज कल आप काफी ज़्यादा इंटरनेट पर और बाकी मीडिया के चैनल्स और अख़बारों में आपने पढ़ा अथवा किसी से सुना होगा। इनके बारे में बात की जाए तब ये उत्तर प्रदेश के राजनीति चेहरों में इसलिए महत्वपूर्ण है क्यूंकि, जब बाबरी मस्जिद की घटना घटी थी, तब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे।

कल्याण सिंह
कल्याण सिंह

कल्याण सिंह कौन हैं?

कल्याण सिंह जी का जन्म 5 जनवरी वर्ष 1932 को उत्तर प्रदेश के अतरौली नामक स्थान पर हुआ था। इनकी माता का नाम सीता और इनके पिता का नाम तेजपाल सिंह लोधी था। कल्याण सिंह के 2 बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और कई बार अतरौली के विधानसभा सदश्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, और साथ ही साथ ये इस राज्य में लोक सभा सांसद और राजस्थान के राज्यपाल रह चुके हैं।

लम्बे समय से बीमार रहने के कारण कल्याण सिंह ने 21 अगस्त 2021 को अंतिम साँसे ली और पञ्चतत्वा में विलीन हो गए।

कल्याण सिंह का जीवन सारांश

जन्म तिथि (Date of Birth)5 जनवरी 1932
मृत्यु तिथि (Date of Death)21 अगस्त 2021
उम्र (Kalyan Singh Age)89 वर्ष (2021 में )
जन्म स्थान (Birth Place)गाँव-मढौली, तहशील-अतरौली, जिला-अलीगढ, उत्तर प्रदेश
राशि (Zodiac Sign)मकर
राष्ट्रीयता (Nationality)भारतीय
गृहनगरी (HomeTown)अलीगढ, उत्तर-प्रदेश
निवास स्थान (Residence)अलीगढ
धर्म (Religion0हिन्दू
जाती (Caste)लोधी
शैक्षणिक योग्यता1954 में बी.ए में स्नातक प्राप्त
1956 में LLB, धर्म समाज महाविद्यालय अलीगढ उत्तर प्रदेश से।
खान-पानशाकाहारी
शौक (Habit)धार्मिक किताबें पढ़ना और समाचार देखना
कल्याण सिंह का जीवन सारांश

कल्याण सिंह का राजनैतिक जीवन (Political Career)

राजनैतिक पार्टीभारतीय जनता पार्टी (B.J.P)
मुख्यमंत्रीपहला कार्यकाल (24 जून 1991 – 6 दिसंबर 1992)
दूसरा कार्यकाल (21 सितम्बर 1997 – 21 फरवरी 1998) फिर (22 फरवरी 1998 – 12 नवम्बर 1999)
लोकसभा सदस्यवर्ष 2009 से 2014 तक Etah, उत्तर प्रदेश से।
राज्यपालराजस्थान के राज्यपाल (4 सितम्बर 2014 – 8 सितम्बर 2019 तक)
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल (अतिरिक्त प्रभार) (28 जनवरी 2015 – 12 अगस्त 2015 तक)
कल्याण सिंह का राजनैतिक जीवन

कल्याण सिंह का परिवार (Kalyan Singh Family)

पिता (Father)तेजपाल सिंह लोधी
माता (Mother)सीता देवी
वैवाहिक स्तिथि (Marital Status)वैवाहिक
पत्नी (Wife)रमावती देवी
बच्चे (Children)2 (1 पुत्र तथा 1 पुत्री)
पुत्र (Son)राजवीर सिंह (राजनीतिज्ञ)
पुत्री (Daughter)प्रभा वर्मा
पोता (GrandSon)संदीप कुमार सिंह (योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में Minister of Education)
Kalyan Singh Family

कल्याण सिंह का राजैनितक जीवन

पहली बार कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वर्ष 1991 में बने और दूसरी बार यह वर्ष 1997 में मुख्यमंत्री बने थे। इन्हे प्रदेश के प्रमुख राजनैतिक चेहरों में एक इसलिए माने जाते हैं, क्यूंकि इनके पहले कार्यकाल के दौरान ही बाबरी की घटना घटी थी, जिसमे कई हज़ार श्रद्धालु का नेत्रित्व हिन्दू संघठन और इन संघठन का सहयोग राइट-विंग राजनैतिक पार्टियों द्वारा किया गया था।

बाबरी मस्जिद की घटना के दौरान

बाबरी मस्जिद की अगर बात करें तब इसका अर्थ है- बाबर का मस्जिद जोकि अयोध्या में मुग़लों के शाशक बाबर के आदेश पर बनाया गया था और वहीँ हिन्दुओं के अनुसार यह इसे हिन्दू देवता भगवान् श्री राम का जन्मस्थान माना जाता रहा है। यही एक मात्र वजह है जिससे यह स्थान हमेशा से ही विवादों का केंद्र रहा है।

C.B.I द्वारा Charge-sheet की गयी फाइल की अगर बात की जाए तब उसमे ऐसा कहा गया है की मुख्यमंत्री बनाने के पश्चात कल्याण सिंह अपने सहायकों और समर्थकों के साथ अयोध्या के राम मंदिर में जाकर यह प्रण लिए थे की राम मंदिर वो वहीँ बनाकर रहेंगे। वर्ष 1991 में इनकी सरकार ने 2.7 एकड़ जमीन बाबरी मस्जिद के नज़दीक सरकारी आदेश जारी करके इसे पर्यटन के नाम पर मंदिर के अंदर शामिल किया।

कल्याण सिंह

वर्ष 1992 में, संघ परिवार द्वारा राम-मंदिर की नीवं राखी गयी और 10 फ़ीट का चबूतरा बनाया गया था, कल्याण सिंह की सरकार इसे केवल चबूतरा मानती थी, जिसे भजन-कीर्तन करने के लिए बनाया गया था और हम विश्व हिन्दू परिषद् की बात करें तो वो इस चबूतरे को राम मंदिर की नीवं मानते थे।

6 December 1992, को अयोधया में होने वाली कार सेवा के लिए सिंह जी के द्वारा कोर्ट में यह एफिडेविट दिया गया था की मस्जिद को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा पर हुआ बिलकुल इसके उलट और कार सेवकों द्वारा मस्जिद के ढांचे को गिरा दिया गया था। इस घटना के पश्चात मुख्यमंत्री रहते हुए इन्होने अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझा और मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया।

बाबरी मस्जिद की घटना के उपरांत

बाबरी मस्जिद की घटना के पश्चात कल्याण सिंह 1993 उत्तर प्रदेश विधान सभा में दो स्थान काशगंज और अतरौली से चुनाव लाडे और दोनों ही सीटों पर इन्होने जीत दर्ज़ किया। इस चुनाव के रिजल्ट के पश्चात BSP और SP ने आपसी गठबंधन के साथ अपनी सरकार बनाई और तब इन्हे भारतीय जनता पार्टी की तरफ से opposition के नेता बनाये गए।

वर्ष 1997 में यह दुबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और इस दौरान यह मीडिया में इसलिए छाए रहे क्युकी इन्होने एक आदेश जारी कर यह कहा था की, प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे को जब उनकी कक्षा क्रमांक बोली जाए तब वो ‘Yes Sir’ कहने के बजाय ‘वन्दे मातरम’ कहे और अपने दिन की शुरुआत ‘भारत-माता’ की पूजा के साथ करें।

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वर्ष 1998 में इन्होने राम जन्मभूमि से जुड़े जितने भी केस थे उसे इन्होने मुख्यमंत्री रहते हुए वापिस ले लिया और अगली घोषणा यह की थी: अगर केंद्र में भारतीय जनता पार्टी के सरकार बनेगी तब राम मंदिर वह वहीं बनाएँगे।

नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा करते हुए

इस दौरान इनके के जीवन में ऐसे बहुत से अनगिनत किस्से हुए जिनकी जानकारी आप इंटरनेट से प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने आगे चल कर वर्ष 2004 में बुलंदशहर की लोकसभा की सीट पर चुनाव लड़े और वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव से पूर्व BJP से अलग हुए और Etah की सीट से निर्दलीय चुनाव लड़कर अपनी जीत दर्ज़ की थी।

वर्ष 2009 में इन्होने अपनी एक अलग पार्टी ‘जान क्रांति पार्टी’ की स्थपना की जो की हिन्दुओं के लिए बनायीं गयी थी, जिसमे इन्होने नेता अपने पुत्र को बनाया और स्वयं एक संरक्षक के तौर पर इस पार्टी से जुड़े। इन्होने अपने राजनैतिक कार्यकाल के दौरान वर्ष 2014 में राजस्थान के राज्यपाल भी नियुक्त किये जा चुके हैं।

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कल्याण सिंह से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  1. कल्याण सिंह राजनीति में आने से पहले RSS में स्वयंसेवक थे।
  2. उच्च शिक्षा प्राप्ति के पश्चात इन्हे शिक्षक के तौर पर नौकरी मिली थी।
  3. 1975 के राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान इन्हे पुलिस द्वारा 21 महीनो तक जेल में कैद कर रखा गया था।
  4. बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री थे, इन्होने पुलिस द्वारा कारसेवकों पर गोली चलाने से रोक लगाया था। इस घटना के पश्चात अपनी नैतिक जिम्मेवारी के तहत इन्होने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।
  5. अपने पहले मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ही इन्होने वर्ष 1992 में Anti Copying Act 1992 लाकर परीक्षा में होने वाली चोरियों को रोका था।

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आपने क्या जाना?

इस लेख में आपको उत्तर प्रदेश के प्रख्यात नेता और इसके पूर्व-मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के जीवन का सारांश प्रतुत किया गया था, अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो और आप कुछ जानकारी या फिर कुछ हमें बताना चाहते हों तब निचे कमेंट करें, WikiHindi द्वारा प्रस्तुत किये गए इस लेख को पढ़ने के लिए धन्यवाद।

FAQ’s

Q: कल्याण सिंह कौन है?

उत्तर: कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री थे, जिनका जन्म उत्तर प्रदेश के अतरौली नमक गाँव में हुआ था।

Q: कल्याण सिंह की मृत्यु कब हुई?

उत्तर: कल्याण सिंह जी की मृत्यु 21 अगस्त 2021 को हुई और वह काफी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे।

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