कंप्यूटर जेनरेशन क्या है? और यह कितने हैं?

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Last Updated on August 19, 2021 by WikiHindi

कंप्यूटर जेनरेशन इसे आप कंप्यूटर के इतिहास का टाइम लाइन भी अगर समझें तब इसमें कुछ गलत नहीं होगा। जितनी तेज़ी से दुनिया और ये वक़्त नहीं बदल रहा है उससे कहीं ज़्यादा तेज़ी से टेक्नोलॉजी बदल रही है ख़ास करके यह कंप्यूटर टेक्नोलॉजी। इस लेख के माध्यम से आप यही जानेंगे की कंप्यूटर में पिछले कुछ दशकों में कब-कब महत्वपूर्ण बदलाव हुए और क्या बदलाव हुए अर्थात आप कंप्यूटर जेनरेशन के जरिये कुछ हद्द तक इसके इतिहास को भी जानेंगे।

कंप्यूटर जेनरेशन क्या है और यह कितने हैं
कंप्यूटर जेनरेशन क्या है और यह कितने हैं

कंप्यूटर जेनरेशन क्या है?

कंप्यूटर की खोज न ही मनोरंजन के लिए की गयी थी और नहीं यह इंटरनेट का उपयोग के लिए बनाया गया था, इसकी खोज गणित के जटिल गणनाओं को जल्दी करने के लिए किया था। कभी कंप्यूटर का इस्तेमाल केवल अमेरिका की आर्मी किया करती थी पर अब यह छोटे बच्चे से लेकर एक बुजर्ग के हाथों में मौजूद है।

कंप्यूटर के जनक माने जाने वाले चार्ल्स बैबेज जो की पेशे से एक गणितज्ञ थे, उन्होंने भी इस बात की कल्पना नहीं की होगी की भविष्य में कंप्यूटर का स्वरुप इतना बदल जाएगा की इंसान इसके बिना शायद ही किसी काम को आसानी से कर सकेगा।

कंप्यूटर जेनरेशन (पीढ़ी)

कंप्यूटर क्या है? इस बात का जानकारी सभी को है। लेकिन कंप्यूटर के अभी तक कुल कितने जेनरेशन है, इस बात को कम ही लोग जानते हैं।वर्तमान में कंप्यूटर के कूल 5 जेनरेशन हैं और अभी जिस कंप्यूटर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं वह पांचवे कंप्यूटर जेनरेशन के अंतर्गत आता है। कंप्यूटर के इतिहास को समझने का सबसे बेहतर तरीका है की आप इसके डेवलपमेंट की पीढ़ी को समझे और वह कुछ इस प्रकार है:

जेनरेशनअवधीहार्डवेयर उपयुक्त
फर्स्ट कंप्यूटर जेनरेशन1940-1952वैक्यूम ट्यूब
सेकंड कंप्यूटर जेनरेशन1952-1964ट्रांजिस्टर
थर्ड कंप्यूटर जेनरेशन1964-1971इंटीग्रेटेड सर्किट
फोर्थ कंप्यूटर जेनरेशन1971 से अभी तकमाइक्रोप्रोसेसर
फिफ्थ कंप्यूटर जेनरेशनवर्तमान और भविष्यआर्टिफीसियल इंटेलिजेंस

फर्स्ट जेनरेशन कंप्यूटर (1940 – 1952 )

फर्स्ट कंप्यूटर जेनरेशन को दुनिया के सामने लेकर आने वाले जोड़े का नाम था विलियम मकौले और जॉन एकेर्ट, वर्ष 1942 में इन्होने ENIAC नामक फर्स्ट जेनरेशन कंप्यूटर सामने प्रस्तुत किया था। इस कंप्यूटर का प्रमुख से उपयोग अमरीका की सेना ने द्वितीय विश्वयुद्ध में तोपों की गणना करने के लिए करते थे। फर्स्ट जेनरेशन कंप्यूटर के स्पेसिफिकेशन कुछ इस प्रकार थे:

  • प्रोग्रामिंग की भाषा: मशीन लैंग्वेज
  • मुख्य मेमोरी: मैगनेटिक टेप्स, मैगनेटिक ड्रम
  • मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेन्ट: वैक्यूम ट्यूब
  • पावर: 150 किलो वाट्स बिजली की जरूरत
  • इनपुट और आउटपुट डिवाइस: पेपर टेप और पंच टेप्स
  • कार्य क्षमता और अकार: बहुत ही धीमा और इसे रखने के लिए लगभग एक कमरे जितनी जगह की आवश्यकता पड़ती थी।
  • उदाहरण: ENIAC, UNIVAC, IBM 701 इत्यादि।

सेकंड जेनरेशन कंप्यूटर (1952 – 1964)

सेकंड जेनरेशन कंप्यूटर की शुरुआत वर्ष 1952 से ही हो चुकी थी, तकनीक में हो रहे तेज़ी से अविष्कार ही कारण था की केवल चंद वर्षों के भीतर ही कंप्यूटर का दूसरा जनरेशन दुनिया के सामने आ चूका था। इस जनरेशन को कंप्यूटर के अविष्कार के तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना गया है, क्यूंकि इसी के बाद से कंप्यूटर के आकार छोटे होने के साथ-साथ कंप्यूटर के इस्तेमाल में होने वाली बिजली भी कम होने लगी।

  • प्रोग्रामिंग की भाषा: असेंबली लैंग्वेज
  • मुख्य मेमोरी: मैगनेटिक टेप और मैगनेटिक कोर
  • मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेन्ट: ट्रांजिस्टर
  • पावर: पुराने जनरेशन की तुलना में काफी कम बिजली का उपयोग
  • इनपुट और आउटपुट डिवाइस: मैगनेटिक टेप और पंच कार्ड
  • कार्य क्षमता और अकार: पिछले जनरेशन की तुलना गणना में काफी तेज़ी आयी
  • उदाहरण: UNIVAC 1107, IBM 1401, IBM 7090 इत्यादि।

थर्ड जेनरेशन कंप्यूटर (1964 – 1971)

यह बात किसे ज्ञात था की सेकंड कंप्यूटर जेनरेशन भी केवल चंद वर्षों काही मेहमान है, क्यूंकि इंटीग्रेटेड सर्किट (चिप) की खोज कंप्यूटर की खोज में में भी बहुत तेज़ी से बदलाव लाने वाला था। वैक्यूम ट्यूब और ट्रांजिस्टर के मामले इसका आकर काफी छोटा था और यही कारण रहा की आकर के मामले कंप्यूटर टेक्नोलॉजी में अबतक का सबसे तेज़ी से बदलाव दुनिया ने देखा। इसी जनरेशन के पश्चात कंप्यूटर लोगो के घरों में जगह बनाने में कामयाब शाबित हुआ।

  • प्रोग्रामिंग की भाषा: हाई लेवल प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Fortaran, COBOL इत्यादि )
  • मुख्य मेमोरी: मैगनेटिक टेप और डिस्क, लार्ज मैग्नेटिक कोर।
  • मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेन्ट: इंटीग्रेटेड सर्किट (IC’s )
  • पावर: बिजली की जरूरत अब केवल कुछ सौ वाट्स में सिमित हो गयी।
  • इनपुट और आउटपुट डिवाइस: कीबोर्ड, मॉनिटर, मैगनेटिक टेप, माउस तथा प्रिंटर।
  • कार्य क्षमता और अकार: आकार इतना छोटा की एक टेबल में सिमित हो गया और कार्य क्षमता इतना की पिछले जनरेशन के दस कंप्यूटर के बराबर यह अकेले काम करने में शक्षम था।
  • उदाहरण: UNIVAC 1108, IBM 370, IBM 360 इत्यादि।

फोर्थ जेनरेशन कंप्यूटर (1971 से अभी तक)

कंप्यूटर के इस जनरेशन का उद्घोष तब हुआ जब IC के स्वरुप को एक नया आयाम मिला जिसमे छोटी सी IC की जगह ली VLSI ने और साथ ही इसमें जुड़ा माइक्रोप्रोसेसर जिससे कंप्यूटर काफी तेज़, सस्ता और सुगमहो गया। यह पिछले जेनरेशन के 100 कंप्यूटर के बराबर काम को जल्दी और आसानी से अकेले करने में शक्षम था।

  • प्रोग्रामिंग की भाषा: हाई लेवल लैंग्वेज जैसे: C#, Java,Python, Kotlin इत्यादि।
  • मुख्य मेमोरी: सेमीकंडक्टर मेमोरी (RAM, ROM, Cache Memory इत्यादि )
  • मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेन्ट: मक्रोप्रोसेस्सोर और VLSI (एक VLSI में लगभग 10000+ ट्रांजिस्टर )
  • पावर: केवल कुछ वाट बिजली की जरूरत
  • इनपुट और आउटपुट डिवाइस: माउस, कीबोर्ड, प्रिंटर, मॉनिटर, स्पीकर, माइक इत्यादि।
  • कार्य क्षमता और अकार: काफी छोटा, सस्ता और बाकी ऊपर दिए गए सभी से काफी ज़्यादा तेज़।
  • उदाहरण: Apple II, IBM PC इत्यादि।

फिफ्थ जेनरेशन कंप्यूटर (अभी से आने वाले भविष्य में)

वर्तमान में जो समय चल रहा है यह कंप्यूटर की टेक्नोलॉजी को एक नया आयाम दे रहा है अब तो केवल कुछ महीनो के अंतराल में ही टेक्नोलॉजी में काफी ज़्यादा बदलाव देखा जा सकता है। पहले कंप्यूटर को रखने के लिए एक पुरे कमरे की आवश्यकता पड़ती थी लेकिन अब यह जरूरत काफी कम हो चुक्की है, क्यूंकि स्मार्टफोन और टेबलेट के रूप में कंप्यूटर आपके जेब के अंदर समां चुके हैं।

आज अगर क्रिप्टोकोर्रेंसी तथा बिटकॉइन जैसी चीज़ें सामने आयी है तब इस बात का सबसे ज़्यादा श्रेय इसी कंप्यूटर जेनरेशन को जाता है।

  • प्रोग्रामिंग की भाषा: इंसानी भाषा की समझ वाली प्रोग्रामिंग जैसे python.
  • मुख्य मेमोरी: सेमीकंडक्टर मेमोरी (SSD)
  • मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पोनेन्ट: ULSI (Ultra Large Scale Integration) लगभग 10 से भी अधिक ट्रांजिस्टर केवल एक चिप में।
  • पावर: कुछ वाट्स पावर की जरूरत और न की बराबर हीट जनरेशन।
  • इनपुट और आउटपुट डिवाइस: टच पैड, टच पेन, स्पीकर, प्रिंटर, इत्यादि।
  • कार्य क्षमता और अकार: एक साथ कई सारे काम को करने में सक्षम और आकार इतना कम की आप इसे अपनी जेब में लेकर घूमते हैं।
  • उदाहरण: स्मार्टफोन, टेबलेट, डेस्कटॉप इत्यादि।

अंतिम शब्द

इस लेख में आपने कॉम्पटर के इतिहास को कंप्यूटर जेनरेशन के माध्यम से जाना और समझा। लेख से जुडी किसी प्रकार की कोई सवाल या शंका आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें अवश्य बतलायें, धन्यवाद।

FAQs

Q: वर्तमान में कंप्यूटर का कौन सा जेनरेशन चल रहा है?

उत्तर: वर्तमान में कंप्यूटर का चौथा और पांचवा जेनरेशन चल रहा है और धीरे-धीरे पांचवे जनरेशन की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

Q: कंप्यूटर का जनक किसे माना जाता है?

उत्तर: कंप्यूटर का जनक चार्ल्स बैबेज को माना जाता है।

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