प्राइवेट हॉस्पिटल के फायदे और नुकसान

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Last Updated on September 16, 2021 by WikiHindi

यूरोपियन देशों में हुए एक खोज से ये बात सामने निकल कर आयी है की जितनी प्राइवेट हॉस्पिटल सुरक्षित और सुगम है उतनी ही सरकारी अस्पताल भी इलाज़ के लिए सुगम और सुरक्षित है। लेकिन आज भी दोनों के बिच ऐसे कई अंतर मौजूद है जिसे आपलोगों ने भी कहीं न कहीं महसूस किया होगा।

अगर आपको अत्यधिक देखभाल और घरेलु माहौल की आवश्यकता का एहसास चाहिए तब प्राइवेट हॉस्पिटल आपके लिए बेहतर है। लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बातें यह है की इसके लिए आपको अलग से कुछ अतरिक्त पैसे खर्च करने की आवश्यकता पड़ेगी।

प्राइवेट हॉस्पिटल के फायदे और नुकसान
प्राइवेट हॉस्पिटल के फायदे और नुकसान

जानकारी की कमी से वजह से आज ही लोगों के बिच ऐसी मतभेद है की कौन सा अस्पताल बेहतर है। इस लेख के माध्यम से आप जानेंगे की प्राइवेट अस्पताल के क्या फायदे हैं? और इसके क्या नुकसान हैं?

प्राइवेट हॉस्पिटल के फायदे

तुलनात्मक अध्यन में यह पाया गया है की देखभाल की गुणवत्ता के कारण लोग सरकारी अस्पताल की तुलना में प्राइवेट हॉस्पीटल जाना ज्यादा पसंद करते हैं। अगर आप अपने किसी करीबी मरीज़ का इलाज प्राइवेट अस्पताल में करवाना चाहते हैं तब निचे इससे जुड़े कुछ फायदे बताएं हैं।

1. कम भीड़-भाड़

आमतौर पर सरकारी अस्पताल में ज्यादा भीड़-भाड़ होती है क्यूंकि यहां मुफ्त में देश की सरकार द्वारा इलाज़ की व्यवयस्था की गयी होती है। लेकिन प्राइवेट हॉस्पिटल के साथ ऐसी स्तिथि नहीं है यहाँ इलाज़ के लिए पैसे चुकाने पड़ते हैं और यही कारण है की प्राइवेट हॉस्पिटल में भीड़ न के बराबर होती है।

दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात अगर आपके साथ किसी तरह की कोई आपातकाल स्तिथि है तब आपको सरकारी अस्पताल में इलाज़ की शुरुआत करने में देरी हो सकती है लेकिन प्राइवेट अस्पताल में कम भीड़-भाड़ होने के कारण बिना किसी देरी के इलाज़ की शुरुआत कर दी जाती है।

2. शांत वातावरण

प्राइवेट हॉस्पिटल का दूसरा सबसे बड़ा फायदा है यहां का शांत वातावरण। यहाँ आप अपने मरीज़ के एक अलग कमरा लेकर उसे शांत माहौल में रखा सकते हैं। शांत माहौल में मरीज़ को रखने पर स्वास्थ्य लाभ जल्दी मिलता है। केवल यही नहीं आपको प्राइवेट अस्पताल में आपके मरीज़ के लिए खास नर्स की भी व्यवस्था की हुई होती जो केवल आपके मरीज़ की देखभाल करती है।

3. स्वक्ष भोजन और पेय पदार्थ

कई लोगो के बिच आज ऐसी अवधारणा बानी हुई है की प्राइवेट अस्पताल में भोजन की गुणवत्ता अच्छी नहीं होती। लेकिन इसा बिल्कुल भी नहीं है और असल में हालात इससे बिल्कुल उलट हैं। कोई मरीज़ कितना जल्दी स्वक्ष होगा यह इस बात पर भी निर्भर करता है की उसके खान-पान के तरीके क्या हैं और वह किस अंतराल में शुद्ध भोजन और पेय पदार्थ का ग्रहण करता है।

प्राइवेट हॉस्पिटल में भोजन की गुणवत्ता काफी अच्छी होती है। यहाँ तक की कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल में तो आहार विशेषज्ञ भी मौजूद होते हैं। जो मरीज़ों की जरूरतों के अनुसार उनकी खान-पान मुहैया करवाते हैं और अच्छा खाने की सलाह भी देते हैं।

4. अच्छी देखभाल और तेज़ रिकवरी

प्राइवेट हॉस्पिटल देखभाल के मामले में काफी अच्छी मानी जाती है और इसके पीछे का कारण है, यहां दी जाने वाली सुविधा। अगर कोई मरीज़ आपातकाल की स्तिथि में हो तब स्टाफ या हॉस्पिटल कर्मचारी की थोड़ी सी लापरवाही मरीज़ के जान को खतरे में डाल देती है। प्राइवेट अस्पताल का यही फायदा है की यहां के स्टाफ 24 घंटे मरीज़ की सेवा में तत्पर रहते हैं।

5. पेशेवर कर्मचारी

प्राइवेट हॉसिपटल का सबसे बड़ा फायदा है यहाँ के पेशेवर कर्मचारी और यहां के कर्मचारी अपने कार्य में पूरी तरह से निपुण होते हैं। कोई भी प्राइवेट हॉस्पिटल यह बिल्कुल नहीं चाहेगा की उसके संस्थान में कोई अनुभवहीन या फिर अकुशल कर्मचारी काम करें और किसी भी हालात में उनके संस्थान का नाम खराब हो।

प्राइवेट हॉस्पिटल की कमियां और नुकसान

भले ही सरकारी अस्पताल की तुलना में प्राइवेट हॉस्पिटल की सुविधा और इलाज़ बेहतर हो लेकिन फिर भी प्राइवेट हॉस्पिटल में आज भी कई सारी कमियां और नुकसान मौजूद हैं। प्राइवेट अस्पताल की कुछ कमियां है जो निचे हमने आपके लिए खोजबीन करके बताया है।

1. महँगी

किसी भी प्राइवेट हॉस्पिटल की अबसे बड़ी कमी यह है की वह महँगी है। प्राइवेट हॉस्पिटल में एक आम मध्यमवर्गीय परिवार के इलाज़ करवाना काफी मुश्किल है। भले ही यहाँ हर तरह की सुविधा मौजूद है लेकिन इसकी महंगाई के सामने साईं सुविधाएँ भी फीकी लगने लगती है।

प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज़ महंगा होने का एकमात्र कारण है यह है की ये की इन हॉस्पिटलों का संचालन ज़्यादातर फायदों के नज़रिये से भी किया जाता है। मरीज़ के ठीक होने के पश्चात मोती रकम वाली बिल एक आम इंसान को काफी हद्द तक परेशान करती है यहां तक की लोग इन बिल का भुगतान करने के चक्कर में क़र्ज़ में भी डूब जाते हैं। कई बार ऐसे हालात भी देखने को मिलते हैं जहाँ बिल में भुगतान की जाने वाली राशि में उलट-फेर भी कर दिया जाता है।

2. सभी वर्गों के लिए यहां इलाज़ संभव नहीं होता

अगर आप किसी ऐसे परिवार से नाता रखते हैं जो वित्य रूप से काफी मजबूत है और इलाज़ के ऊपर अच्छी-खासी रकम खर्च करने को राज़ी है तब प्राइवेट हॉस्पिटल में आपके लिए इलाज़ संभव है। लेकिन गर आप एक आम माध्यम वर्गीय परिवार से नाता रखते हो, जो प्रतिदिन की हाज़री पर काम कर अपने परिवार का पेट भरता हो उनके लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाना असंभव सा है।

3. लम्बी इंतज़ार

हालांकि आपने प्राइवेट हॉस्पिटल में मोटी रकम ही खर्च क्यों न किया हो लेकिन फिर भी यहां कर्मचारी की कमी से अक्सर इलाज़ के लिए लम्बा इंतज़ार भी करना पड़ सकता है। कुछ प्राइवेट अस्पताल की आपातकालीन सेवा तो केवल खानापूर्ति के लिए बनी होती है।

4. सुरक्षा से जुड़ी चिंताए

प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज करवाने की सबसे बड़ी कमी यह है की यहाँ मरीज़ को भर्ती करने के पश्चात लोग थोड़े बेफिक्र हो जाते हैं। बेफिक्र होने का सबसे बड़ा कारण यही है की यहां वो पैसे देकर इलाज़ करवा रहे होते है और इस बात को सोच कर संतुष्ट रहते हैं की कोई उनके मरीज़ की देखभाल कर रहा होगा।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की प्राइवेट हॉस्पिटल के क्या फायदे हैं और साथ ही इससे जुड़े नुकसान और कमियों को भी आपने जाना। लेख से सम्बंधित किसी तरह की कोई सवाल, शिकायत या सुझाव आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें अवश्य बतलायें, धन्यवाद।

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