एलोपैथी उपचार के फायदे और नुकसान

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Last Updated on September 26, 2021 by WikiHindi

एलोपैथी उपचार पद्दति वर्तमान में आधुनिक चिकित्षा प्रणाली का रीढ़ माना गया है। हर एक विकार और बीमारी की दवा एलोपैथी उपचार पदत्ति में उपलब्ध है। अगर आप भी कभी किसी बिमारी या अपने स्वास्थ सम्बन्धी समस्या को लेकर किसी डॉक्टर के पास गए होंगे तब यह 95फीसदी संभव है की वह डॉक्टर एलोपैथी चिकित्सा पद्दति के माध्यम से ही अपनी मरीज़ों का उपचार करता होगा और आपने भी इसे अनुभव किया होगा।

इस लेख के माध्यम से आपको इस बात की जानकारी मिल जाएगी की एलोपैथी पद्दत्ति से इलाज करवाने पर आपको क्या फायदे मिलेंगे और इसके क्या नुकसान हैं।

एलोपैथी उपचार के फायदे

चाहे बैक्टीरियल बिमारी हो या फिर वायरल हो एलोपैथी में हर तरह की बीमारियों का इल्ज़ संभव है और लगभग सभी बिमारियों की दवा भी उपलब्ध है। रक्तचाप, कीमोथेरेपी, माइग्रेन, मधुमेह जैसे सभी बीमारी का इलाज़ अलोपथी पद्दत्ति से सम्भव है। इसके अलावा ऐसे और भी कई सारे फायदे हैं जो एलॉपथी पद्दत्ति से इलाज करवाने पर मरीज़ों को मिलते हैं।

एलोपैथी उपचार के फायदे और नुकसान
एलोपैथी उपचार के फायदे और नुकसान

1. आधुनिक तकनीक का से उपचार किया जाता है

चिकित्षक हो या फिर नर्स ही क्यों न हो इनकी पढाई का पाठ्यक्रम में पूर्ण रूप से आधुनिक एलोपैथी को ही शामिल किया जाता है। जिसके कारण किसी भी बिमारी में आधुनिक एलॉपथी दवाओं के जरिये इलाज़ करने इनके लिए काफी आसान हो जाता है।

वर्तमान समय में किसी भी बिमारी से लड़ने के लिए एलोपैथी की आधुनिक दवाएं बिल्कुल अनुकूल मानी जाती है। इसके पीछे का कारण है की एलोपैथी दवा शरीर के विभिन्न अंगों पर अपना प्रभाव दिखाता है और अन्य शारीरिक गतिविधियों को नुकसान नहीं पहुंचाता।

2. सुनिश्चित उपचार

एलोपैथी उपचार करवाने का सबसे बड़ा फायदा यह है की यह एक सुनिश्चित इलाज पद्दति है। जिसे चिकित्षकों द्वारा पालन किया जाता है और इसमें हर छोटे-से-छोटे बीमारी से लेकर जानलेवा बिमारियों का इलाज किया जाता है।

केवल यही नहीं आधुनिक निदान विधि और शल्य चिकित्षक के प्रारंभिक चरण में ही किसी भी अनचाहे और जानलेवा बीमारी का पता लगाकर उसका इलाज़ करना संभव है।

3. मरीज़ों की सुरक्षा

होमियोपैथी इलाज़ के विपरीत, एलोपैथी माध्यम से इलाज़ करवाने के लिए जरूरी कागजात होना आवश्यक है। केवल यही नहीं इलाज में प्रयुक्त होने वाली सभी दवाओं और इलाज पद्दत्ति का गुणवत्ता परिक्षण में पास होना अति आवश्यक है। जिससे कहीं न कहीं मरीज़ों की सुरक्षा ही बढ़ती है और मरीज़ों का सही और अच्छा इलाज़ हो यह भी सुनिश्चित हो जाता है।

4. उपलब्धता

मरीज़ का इलाज़ किसी भी पद्दति से क्यों न हो सबसे ज़्याद मायने यह रखता है की क्या इसकी दवाओं और अन्य जरुरी चीज़ों की उपलब्धता है भी या नहीं। इस बात की जानकारी आपको भी होगी की आधुनिक दवाओं का निर्माण काफी बड़े पैमाने पर किया जाता है और इस बात का सीधा सा अर्थ है, आपातकालीन स्तिथि में किसी भी दवा का दूकान पर आसानी से उपलब्धता।

5. अनुसंधान और विकास

एलोपैथी उपचार पद्दत्ति का सबसे बड़ा फायदा यह है की इसमें प्रयुक्त होने वाली हर छोटी-से-छोटी दवाओं का भी परीक्षण और पूर्ण रूप से शोध किया जाता है, और खासकर दवाइओं की गुणवत्ता का ख्याल रखा जाता है। दवाइओं के बनाने के दौरान सरकार और किसी भी संघीय ढाँचे के दिशानिर्देशों का भी पालन किया जाता है।

एलोपैथी उपचार की कमियां या नुकसान

वैसे तो ज़्यादातर चिकित्सा संस्थान और संगठन इलाज के लिए आधुनिक दवाओं और का समर्थन करते हैं। लेकिन फिर भी एलोपैथी उपचार के ऐसे कई सरे नुकसान या कमियां है जिसकी जानकारी होना किसी के लिए आवश्यक है। आधुनिक एलोपैथी उपचार पद्दत्ति के नुकसान कुछ इस प्रकार है।

1. आंशिक इलाज

आधुनिक समय में इस्तेमाल होने वाली एलोपैथी दवाएं तभी तक ज़्यादा कारगर होता है, जब तक उसे मरीज़ ग्रहण करता है। इसका सीधा सा अर्थ है की ये शरीर के किसी खास अंग को ही प्रभावित करता है न की पुरे शरीर को। HIV, मिर्गी, कैंसर जैसी जानलेवा और घातक बीमारियां एलोपैथी की दवाइयों से पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता। लेकिन इन दवाओं के उपयोग से कुछ हद तक मरीज़ों को राहत अवश्य पहुंचाया जा सकता है।

2. साइड इफेक्ट

मौजूदा किसी भी बीमारी के लिए जा रहे दवाओं का मरीज़ के शरीर के बाकि अन्य हिस्सों पर कई तरह के साइड इफ़ेक्ट देखे जा सकते हैं। कभी-कभी हालात बद से बदतर तो तब हो जाते हैं जब किसी दवा के ओवरडोज़ या साइड इफ़ेक्ट के कारण ऑर्गन फिकल जैसी समस्या उत्त्पन्न हो जाती है।

एक साधारण सा दवा भी वैसे मरीज़ के लिए कभी-कभी घातक बन जाता है, जब मिर्गी, ह्रदय सम्बन्धी पुराणी बिमारियों से जूझ रहा होता है। इसलिए मरीज़ों और उनके परिवार के सदस्यों को हमेशा ही यह सालाह दी जाती है की बगैर चिकित्षा के सलाह के कोई दवाई न लें।

3. लक्षण को कम करती है न की बिमारी को

बाज़ार में एलोपैथी की ऐसी कई साडी दवाएं मौजूद हैं, जो बिमारी को जड़ से खत्म करने के बजाय केवल इसके लक्षण को कुछ समय के लिए कम कर देती है। आपने भी अपने साथ ऐसे किसी हालत को अवश्य महसूस किया होगा जिसमे खांसी की दवाई लेने पर कुछ समय के लिए इसका लक्षण मठम हो जाता है, लेकिन दवाई की असर कम होते ही खाँसी वापस से आपको परेशान करने लगता है।

4. हर एक समस्या के लिए गोली उपलब्ध है

एलोपैथी उपचार में यह देखा गया है की हर एक समस्या के लिए अलग-अलग गोलियां उपलब्ध है। अगर किसी कारणवश आपके शरीर में एक से अधिक समस्या है। तब आपको कई सारी दवाओं का भी सेवन करना पर सकता है। एलोपैथी दवाएं शरीर के विभिन्न हिस्सों पर अलग-अलग प्रभाव करती है और यह प्रभाव अस्थाई होती है।

ये दवाएं बीमारी के जड़ तक जाकर उसे पूरी तरह ठीक नहीं करती है बल्कि आपतकाल की स्तिथि में ये दवाएं तत्कालीन राहत पहुंचाती है।

5. गलत उपचार और दवाएं घातक हो सकती है

एलोपैथी उपचार में एक गलत निदान रोगियों के लिए काफी घातक शाबित हो सकता है। कई बार ऐसी भी स्तिथि पैदा होती है जब डॉक्टर व्यस्तता के चक्कर में रोगी को गलत दवाएं लिख तत-पश्चात रोगी का गलत उपचार होना शुरू हो जाता है। जिसका मूल्य आगे चलकर कभी-कभी रोगी को अपनी जान गंवाकर भी चुकाना पर सकता है।

अंतिम शब्द

इस लेख के माध्यम से आपने जाना की एलोपैथी उपचार क्या है? साथ ही आपने इससे जुड़े फायदों और नुकसान को भी जाना। लेख से सम्बंधित किसी तरह की कोई सवाल, शिकायत या सुझाव आपके मन में हो तब निचे कमेंट करके हमें अवश्य बतलायें, धन्यवाद।

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